कठुआ। पीएचई सीपी वर्कर्स ने साफ शब्दों में सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर नए साल से पहले उनका बकाया वेतन जारी नहीं किया गया तो वह उग्र रुख अपना लेंगे। उन्होंने कहा कि जनवरी महीने से पूर्व ही अपनी मांगों को पूरा किया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह दफ्तरों में ताले लगाने के लिए मजबूर होंगे। वीरवार को भी सीपी वर्कर्स ने अपनी मांगों को लेकर धरना और हड़ताल जारी रखी।
कठुआ सब डिवीजन कार्यालय के परिसर में एकत्रित हुए सीपी वर्कर्स का नेतृत्व कर रहे शिव नारायण सिंह ने कहा कि पिछले तीन महीनों से भी अधिक समय से वह अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर गौर करने के बजाय उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन भी समाप्त हो गया है, लेकिन उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया। दिवाली, भैया दूज, करवाचौथ और अन्य त्योहार इस साल भी उन्होंने बिना पैसे के ही मनाए है, जबकि उन्हें आश्वस्त किया गया था कि दिवाली से पहले ही उन्हें चार महीनों का वेतन दे दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब नया साल आने वाला है और अगर इससे पूर्व अपनी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह उग्र रुख अपना लेंगे। दफ्तरों की तालाबंदी करेंगे और अगर जरूरत पड़ी तो अधिकारियों का घेराव भी करेंगे।
बकाया वेतन के तौर पर जारी करने हैं 31 करोड़
जिला कठुआ में करीब 1300 सीपी वर्कर्स काम करते हैं, जिन्हें सरकार की ओर से प्रति माह 4500 रुपये दिए जाते हैं, लेकिन पिछले 53 महीनों से उन्हें पैसे नहीं दिए गए हैं। ऐसे में इतने महीनों का बकाया वेतन के तौर पर सरकार को करीब 31 करोड़ से अधिक की राशि जारी करनी है। वर्कर्स ने कहा कि हर महीने बकाया वेतन के तौर पर राशि में इजाफा हो रहा है और उनकी मांगों पर इसके बावजूद भी गौर नहीं किया जा रहा है।