कठुआ। शहर में बुधवार को धार्मिक सौहार्र्द की मिसाल देखने को मिली। सिख समुदाय के प्रथम गुरु नानक देव के प्रकाशोत्सव से पूर्व शहर में निकाले गए नगर कीर्तन और मुस्लिम समुदाय की ओर से पैगंबर नबी के जन्मोत्सव पर निकाला गया जुलूस शहर के पुराने बस अड्डे के नजदीक एक साथ पहुंचा। दोनों समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे इस्तकबाल करते हुए धार्मिक सौहार्र्द की मिसाल पेश की। एक मौका ऐसा भी आया, जब नगर कीर्तन और नबी का जुलूस एक डिवाइडर के अंतर पर एक साथ सड़क पर चलते दिखाई दिए। नबी का जुलूस, जहां शहीद भगत सिंह सिटी फारेस्ट पार्क से शुरू हुआ तो गुरु नानक देव का नगर कीर्तन दशमेश नगर गुरुद्वारा सावन चक से शुरू होकर शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरने के लिए आगे बढ़ा।
मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा कि कठुआ ने हमेशा ही आपसी सौहार्र्द बनाए रखा है और इसकी मिसाल आज भी बनी है। सिख समुदाय के लोगों ने न सिर्फ उनका अच्छे से इस्तकबाल किया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि सभी धर्मों की कठुआ में बराबर इज्जत की जाती है। उन्होंने कहा कि कठुआ में हिंदू, मुस्लिम और सिख समुदाय के लोग हमेशा ही एकजुट होकर रहे हैं। इस दौरान लाउडस्पीकर से सभी समुदाय के लोगों का आभार भी प्रकट किया गया। कारी फकीर हुसैन ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद ने अमन का पैगाम दिया था। गुरु नानक देव ने भाईचारे का पैगाम दिया था। जो धर्मों को आपस में लड़वाना चाहते हैं, वे कभी कामयाब नहीं होगे और धरती पर जिंदगी के अंत तक सभी धर्मों का भाईचारा यूं ही कायम रहेगा। धार्मिक सौहार्द्र की यह मिसाल पूरे शहर ने देखा और सबने इसकी तारीफ की।