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लावारिस मवेशी ने राहगीर को उतारा मौत के घाट

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कठुआ। बार-बार लावारिस मवेशियों से निजात दिलाने की मांग पूरा नहीं होने और प्रशासन व नगर परिषद की लापरवाही का खामियाजा मंगलवार को एक व्यक्ति को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा। घटना शहर के वार्ड नंबर एक की है, जहां वह अपने पुराने घर पर मवेशियों को सुबह चारा डाल कर लौट रहा था। इस दौरान लावारिस मवेशियों ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। बाद में उसकी मौत हो गई।
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जानकारी के अनुसार वार्ड एक निवासी वेद प्रकाश मवेशियों को चारा डालने के बाद लौटा तो गली में मौजूद लावारिस मवेशी आपस में लड़ रहे थे। एक किनारे से निकलने का प्रयास कर रहे वेद प्रकाश पर उन्होंने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। सफाई कर्मचारियों ने उसे अपने आटो में डालकर जीएमसी कठुआ के एसोसिएटेड अस्पताल पहुंचाया। वहां पर स्थिति गंभीर होने पर उसे जीएमसी जम्मू रेफर कर दिया। मगर रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
इस संबंध में नगर परिषद के अध्यक्ष नरेश शर्मा ने कहा कि वह इन मवेशियों के लिए जिला प्रशासन से जगह की मांग कर रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है, जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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पहले भी कई लोग हो चुके हैं घायल
किसी व्यक्ति पर हमले का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी लावारिस मवेशी राहगीरों को घायल कर चुके हैं। कई बार उनकी लड़ाई में वाहनों को नुकसान हो चुका है। कुछ समय पूर्व मुखर्जी चौक में इन मवेशियों के कारण करीब दर्जनभर बाइक और आधा दर्जन कारों को नुकसान पहुंचा था। ऐसे में इस समस्या पर गंभीरता से काम नहीं किया जा रहा है।

एक बार चला था अभियान
लावारिस मवेशियों से निजात दिलाने के लिए शहर में मात्र एक बार गंभीरता से अभियान चलाया गया, लेकिन उसके बावजूद भी कोई ठोस और सकारात्मक नतीजे सामने नहीं आए। नगर परिषद ने व्यापक स्तर पर करीब ढेड साल पूर्व अभियान चलाया लेकिन उसके कुछ दिन बार फिर हालात पूर्व जैसे हो गए हैं।

मिलकर करने होंगे प्रयास
लावारिस मवेशियों से निजात दिलाने के लिए अब समय है कि कोई योजना बनाई जाए। ऐसे में गोशाला वालों को भी इस अभियान में जोड़ना होगा। हर बार जब गोशाला की बात की जाती है तो कहा जाता है कि मवेशियों को रखना संभव नहीं है। अगर ऐसा है तो फिर गौशाला खोलने का कोई लाभ नहीं है। जिला प्रशासन, नगर परिषद और गौशाला वालों को मिलकर इसके लिए काम करना होगा, ताकि कोई नुकसान नहीं हो।
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