कठुआ/बसोहली। रावी दरिया में बड़े पैमाने पर अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। बसोहली इलाके में रंजीत सागर झील खनन माफिया का बड़ा अड्डा बन चुका है। यहां से न सिर्फ जम्मू कश्मीर के कई हिस्सों बल्कि पंजाब तक को रेत, बजरी आदि की सप्लाई दिनदहाड़े की जाती है। रात के अंधेरे में भी यह धंधा खूब होता है। रोजाना खनन माफिया पंद्रह-बीस नाव रेत-बजरी सांधर के डाली खड्ड इलाके से बसोहली और पंजाब को सप्लाई करते हैं। पंजाब में खनन पर रोक है, इसलिए जम्मू-कश्मीर से खनन माफिया वहां रेत-बजरी भेजते हैं। इससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। खनन माफिया लगातार रावी दरिया का सीना छलनी कर रहा है, लेकिन खनन विभाग और प्रशासन इस मामले में चुप्पी साधे बैठा है। इसके चलते कई इलाकों में पानी का गंभीर संकट भी पैदा हो रहा है।
सूत्रों की मानें तो डाली खड्ड से रोजाना 100 से अधिक ट्रैक्टर रेत-बजरी की तस्करी होती है। जिस रास्ते से वे रेत-बजरी लेकर जाते हैं, वहां इसकी जांच तक नहीं की जाती है। ऐसे में वे बेखौफ होकर सरकार को लाखों का चूना लगा रहे हैं। यह इलाका बांध के अधिकार क्षेत्र में आता है, ऐसे में बांध प्रबंधन के अधिकारियों की मिलीभगत से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। हैरानी की बात है कि बसोहली कसबे से सटे अटल सेतु के नीचे से रोजाना गुजरने वाले रेत-बजरी से भरे इन स्टीमरों पर किसी भी विभाग की नजर नहीं है। बसोहली कसबे तक में यहां से बेरोकटोक सप्लाई जारी है, जिसे कसबे तक खच्चरों की मदद से पहुंचाया जाता है।