हीरानगर। सीमावर्ती लोगों व किसानों की मांगों को लेकर बार्डर यूनाइटेड फ्रंट ने मढीन में केन्द्र व राज्य सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। सरकारों पर आरोप लगाया कि सीमावर्ती किसानों व नौजवानों की अनदेखी की जा रही है तथा चुनावों से पहले उनसे किए गए वायदों को पूरा नहीं किया।
फ्रंट के चेयरमैन घनश्याम शर्मा ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार ने सीमावर्ती लोगों के साथ वादाखिलाफी की है। चुनावों से पहले विशेष तौर पर सीमावर्ती लोगों से कई वायदे किए गए, जिन्हें आज तक पूरा नहीं किया गया है। पाक की नापाक हरकतों की वजह से इन लोगों की परेशानियां पहले से बढ़ी हैं। सीमा पर गोलाबारी के कारण कई बार किसानों की फसल तबाह हो चुकी है, लेकिन सरकारों की तरफ से एक पैसे की सहायता राशि उन्हें नहीं दी गई। अभी तक किसानों को वर्ष 2014 से खराब हुई फसलों का मुआवजा नहीं मिला है। आय का कोई साधन न होने के कारण यहां के किसान पूरी तरह से खेती पर निर्भर हैं और फसल जब पकने को होती है तो पाक गोले उसे अपनी चपेट में ले लेते हैं।
इस क्षेत्र के लोगों की आर्थिक व्यवस्था को ठीक करने के लिए यहां के नौजवानों के लिए विशेष भर्ती का वायदा किया गया था जो आज तक पूरा नहीं हुआ है। यह वायदा किसी ओर ने नही बल्कि देश के मौजूदा प्रधानमंत्री ने कठुआ में एक जनसभा के दौरान किया था। जहां कहा गया था कि सीमावर्ती नौजवानों को रोजगार दिया जाएगा। अभी तक न तो सीमावर्ती किसानों को सरकार की तरफ से कोई सहायता मिली है न ही नौजवानों के लिए रोजगार का कोई रास्ता दिखाई पड़ रहा है। उन्हाेंने किसान बीमा योजना चला रही कंपनियों पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कंपनियां किसानों को लूटने का काम कर रही हैं। अगर बीमा हर किसान का किया जा रहा है तो फिर नुकसान के समय पूरे इलाके के सर्वे का क्या मतलब है। धरने के दौरान वृद्धा पेंशन बढ़ाने की मांग भी की गई। इस मौके किसान नेता चौधरी शिवदेव सिंह, पूर्ण चंद, थुडु राम, रघुवीर सिंह, नजीह अहम्मद, काली दास, शशिपाल, राम पाल, तीर्थ राम वगैरा भी उपस्थित थे।