कठुआ। अप्रैल के अंत से पहले ही जिले में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए हैं। मार्च महीने से एक से दो घंटे की अघोषित कटौती का दौर अब दिन में 12 से 16 घंटे की बिजली कटौती तक पहुंच गया है। हालात यह हैं कि दिन के बाद अब रात के समय भी बिजली की अघोषित कटौती शुरू हो गई है। अधिकारियों की मानें तो पारा लगातार चढ़ने के साथ ही इससे राहत मिलने के आसार अभी आने वाले दिनों में भी नजर नहीं आ रहे हैं।
इस साल मार्च महीने के अंत से शुरू हो गया अतिरिक्त बिजली कटौती का शेड्यूल अप्रैल महीने के अंत में एसएसडीसी से निकलकर ग्रिड के हाथों में चला गया है। पहले जहां शहर, कस्बों और गांव के फीडर बंद किए जा रहे थे, वहीं इस साल हालात यह हो गए हैं कि ग्रिड ही बंद कर दिए जा रहे हैं ताकि इलाके को नो लोड पर लिया जा सके। पिछले दो दिन से कठुआ जिले में हर एक घंटे के बाद दो घंटे की बिजली कटौती का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। अधिकांश इलाकों में इनवर्टर ने भी जवाब दे दिया है, तो वहीं कई इलाकों में पंपिंग न होने से पेयजल संकट भी बढ़ता जा रहा है। हालात इतने बद्तर हो चुके हैं कि गर्मी के सीजन के पहले महीने में कठुआ शहर के लोग भी पेयजल संकट से बुरी तरह से जूझ रहे हैं। खासकर नए विकसित हुए क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था ठप होकर रह गई है। बिजली की अघोषित कटौती से व्यापार से लेकर रोजगार बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। रेफ्रीजरेटर तक काम नहीं कर रहे। वहीं मशीनें चलाना भी मुश्किल हो गया है। प्रदेश में 34 सौ मेगावॉट बिजली की मांग के विपरीत प्रदेश सरकार जम्मू में लगभग 800 और कश्मीर संभाग में 12 सौ मेगावॉट बिजली ही नार्दन ग्रिड से खरीद रही है। शनिवार से जम्मू संभाग को मात्र 5 सौ मेगावॉट बिजली ही हासिल हो रही है। अतिरिक्त खरीद के लिए कई गुणा अधिक राशि चुकाने से बचने के लिए बिजली कटौती को बढ़ा दिया गया है।