कठुआ। लावारिस मवेशियों से परेशान सावन चक के लोगों ने इलाके में लावारिस घूम रहे मवेशियों को एक बंद पड़े सरकारी स्कूल की इमारत में बंद कर दिया। लोगों का कहना था कि मवेशी उनकी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं और नगर परिषद वाले उनकी कोई बात नहीं सुन रहे। कई बार ये मवेशी हादसों का कारण भी बन चुके हैं और आए दिन लोगों को मारने के लिए दौड़ पड़ते हैं। मामले की सूचना जब शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मिली तो मुख्य शिक्षा अधिकारी ने जोनल शिक्षा अधिकारी कनवर सिंह को भेजकर मामले का संज्ञान लेने को कहा। अधिकारी ने इसकी सूचना पुलिस को दी तो थाना प्रभारी कठुआ देवेंद्र सिंह ने मौके पर आकर लोगों का समझाने का प्रयास किया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने ही इन मवेशियों को स्कूल की इमारत में बंद कर ताला लगाया है, क्योंकि यह लावारिस मवेशी उनकी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। लोगों ने यह भी कहा कि मवेशियों को पकड़कर गोशाला में रखने की मांग उन्होंने वार्ड के पार्षद और नगर परिषद के अध्यक्ष से भी की थी, लेकिन उन्होंने जब कुछ नहीं किया तो उन्होंने मवेशियों को पकड़कर स्कूल में बंद कर दिया। अगर मवेशियों को पकड़कर गोशाला में रखा जाए तो उन्हें ऐसा करना ही न पड़ता। ग्रामीणों ने कहा कि वे तब तक मवेशियों को नहीं छोड़ेंगे, जब तक उन्हें इस बात का आश्वासन नहीं दिया जाता कि मवेशी दोबारा उनकी फसलों को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। बाद में लोगों ने अपने ही स्तर पर मवेशियों को वाहनों में लोड कर दूसरे स्थान पर छोड़ा।
पशु तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
लोगों ने पुलिस विभाग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इतने पशु तस्करी के प्रयास पुलिस विफल करती है, लेकिन पुलिस जिन मवेशियों को पकड़ती है वे कहां जाते हैं। इसकी जानकारी किसी को नहीं। आखिर शहर में इतने मवेशी कहां से आते हैं। उन्होंने कहा कि शहर में गोशाला होने के बावजूद भी अगर मवेशी सड़कों पर घूमेंगे तो लोगों को ही कोई कदम उठाना पड़ेगा।
नरेश शर्मा, नगर परिषद अध्यक्ष
इस बारे में फोन आया था। इस मसले पर जिला उपायुक्त से चर्चा की जाएगी। एक गोशाला के मालिक से बात की, लेकिन वहां से कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। पशु तस्करों से छुड़ाए गए मवेशियों को पुलिस गोशाला में ही छोड़े। नगर परिषद की तरफ से मवेशियों के लिए चारे का प्रबंध किया जाएगा।