कठुआ। जम्म-कश्मीर में थ्री टियर पंचायती राज चुनाव को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। जिला कठुआ के 19 ब्लाक की 257 पंचायतों में पंचायत चुनाव की सरगर्मियां रविवार से तेज हो गईं। जिला चुनाव विभाग की ओर से पंचायत चुनाव के लिए जिला में 1951 पोलिंग स्टेशनों को चिहिन्त किया गया है। नवंबर और दिसंबर माह में होंने वाले चुनाव के लिए नेता भी लोगों की समस्याओं को बढ़ चढ़ समझने में जुट गए हैं। वादों और इरादों को बताने का दौर शुरू हो चुका है।
चुुनाव आयोग की ओर से रविवार को पंचायत चुनाव की तिथियों की घोषणा के बाद से सरगर्मियां भी बढ़ गई हैं। राजनितिक दलों ने भी कमर कस ली है। पूर्व सरपंचों से लेकर क्षेत्र में समाज सेवा के लिए आगे आने वाले लोग अब वोटरों को रिझाने में लग चुके हैं। पहाड़ी इलाकों में सर्दियों की दस्तक शुरू होने के साथ एक ओर जहां पारा गिरना लगातार जारी है वहीं राजनितिक दलों के खेमे में लगातार गरमी बढ़ती जा रही है। महिलाओं के साथ साथ अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षण के आधार पर पंचायत स्तर पर कोटा भी निर्धारित कर लिया गया है।
राज्य में कब कब हुए पंचायती चुनाव
जम्मू कश्मीर में पंचायती राज को लेकर सरकारों की दिलचस्पी ज्यादा नहीं रही है। यही कारण है कि वर्ष 1978 के बाद पंचायत चुनाव करवाने में सरकारों को तेइस साल का एक लंबा समय लग गया। वर्ष 2001 में पंचायती चुनाव हुए तो इसके बाद फिर सरकार को पंचायती चुनाव करवाने की याद आई। पिछले साल भी शुरुआत तो हुई, लेकिन सरकार की अरुचि के कारण कवायद आगे नहीं बढ़ पाई। लगभग 19 साल बाद राज्य में पंचायत चुनाव करवाए जाने की तैयारी है।
जिला में 155 बूथ अतिसंवेदनशील और 189 संवेदनशील
जिला कठुआ के 1951 मतदान बूथों में से 155 बूथ अतिसंवेदनशील हैं जबकि 189 संवेदनशील केटेगरी में शामिल किए गए हैं। अतिसंवेदनशील और संवेदनशील यह पोलिंग बूथ मांडली, बरनोटी, लोहाई मल्हार, बनी और डुग्गन ब्लाक से हैं। इन पोलिंग बूथों पर मतदान करवाने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए जाने की तैयारी की गई है।
चार ब्लाक की 32 पंचायतें बर्फबारी वाले इलाकों में
सितंबर माह के दूसरे पखवाड़े की शुरूआत में ही इस बार जहां जम्मू कश्मीर के उच्च पवर्तीय इलाकों में हिमपात ने दस्तक दे दी है वहीं जिला कठुआ के भी कई इलाके ऐसे हैं जहां बर्फबारी आम है। पंचायत चुनाव से पहले या चुनाव के समय बर्फबारी इन इलाकों में इंतजामों को सुनिश्चित करने में दिक्कत भी पैदा कर सकती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला कठुआ के चार ब्लाक ऐसे हैं जहां की बत्तीस पंचायतें बर्फबारी वाले इलाके की हैं। इसमें बनी ब्लाक के दौलका, रौलका, लोआंग नार्थ, भंडार, संदरूण, सांदी, अतस्सो, सित्ती, फतेहपुर, बरमोता शामिल हैं। वहीं लोहाई मल्हार ब्लाक के बदनोता, डल बजोई, किंडली, अप्पर थल्ल, लोअर थल्ल, मछेड़ी, मलाड़, मल्हार शामिल हैं। डुग्गन ब्लाक के बांजल, भकोगा, भुलाड़ी, धमान, दुलंगल, ढ़ग्गर, डुग्गन, सुरजन चक और कोटी बर्फबारी वाले इलाकों में शामिल हैं। इसके अतिरिक्त डुगैन ब्लाक के बांजल बटवाल, भटोडी, सदरोता ए, सदरोता और गुडू फलैल भी बर्फबारी से प्रभावित होने वाली पंचायतों में शामिल हैं।