गुलशन मैदान में मेला शुरू होने के साथ ही लोगों की भीड़ बढ़ती गई। दोपहर 12 बजे तक मैदान खचाखच भर गया। प्रदर्शनी में लगाए स्टॉलों पर जमकर खरीदारी हुई। सबसे ज्यादा शोपियां के केसर और पुंछ के गीचा चावल की बिक्री हुई। दोपहर बाद खाने-पीने के स्टॉल पर लोग अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।
बाजार से सस्ती दरों पर बिके राजमा-चावल, चना-पूड़ी, कॉफी, आइसक्रीम और अन्य पकवानों के लोगों ने खूब चटकारे लगाए। पुलिस ने भी स्टॉल लगाकर अलग-अलग जिलों के प्रसिद्ध फलों, कपड़ों, समेत घरों की आम जरूरत का सामान बेचा।
पुलवामा पुलिस के स्टॉल पर लोगों ने शॉल, तकिये के कवर, पर्दे और चादरें आदि खरीदीं। इसके साथ ही शहद और बादाम भी बेचा गया। शोपियां पुलिस के स्टॉल पर देसी राजमा, सेब और केसर रखा गया था। देसी राजमा 150 रुपये प्रति किलो और केसर 200 रुपये प्रति एक ग्राम बिका।
हालांकि केसर की बाजार में एक ग्राम की कीमत 250 से 300 रुपये तक है। पुंछ जिले की पुलिस के स्टॉल पर गीचा चावल की ब्रिकी सबसे ज्यादा हुई। यह चावल 50 रुपये किलो के हिसाब से बेचा गया। श्रीनगर पुलिस के स्टॉल पर कपड़े, शॉल और चादरें रखीं गई थीं। लोगों ने चाय के कप, शीशे के गिलास समेत अन्य सामान भी खरीदा।
मेले में पुलवामा पुलिस की ओर से विभिन्न उत्पादों के स्टॉल लगाए गए। सस्ती दरों पर चादरें, पर्दे और अन्य सामान बेचा गया। सुबह से ही मेले में लोगों की भीड़ रही।
- मंजूर अहमद, कांस्टेबल, पुलवामा पुलिस
शोपियां का सेब सबसे ज्यादा पसंद किया गया। यहां पर अलग-अलग किस्मों के सेब की बिक्री की गई है। मेले के माध्यम से लोगों को शोपियां का सेब जम्मू में उपलब्ध करवाया गया है।
- मोहम्मद यूसुफ, कांस्टेबल, शोपियां पुलिस
पुलवामा के शहद की डिमांड पूरे देश में रहती है। यहां का बादाम भी देशभर में प्रसिद्ध है। इस मेले में बाजार से कम कीमतों पर इन उत्पादों को बेचा गया है।
- मोहम्मद शरीफ, कांस्टेबल, पुलवामा पुलिस