मेरी माटी मेरा देश अभियान के तहत प्रेसवार्ता में डीजीपी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर शांति की ओर बढ़ रहा है। अब तक उग्रवाद पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, जिससे सक्रिय आतंकवादियों की संख्या घटकर केवल दो अंकों में रह गई है। इनको भी जल्द ही ढेर कर दिया जाएगा। हालांकि, नशा तस्करी में बढ़ौतरी एक चुनौती है, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों को निपटने की जरूरत है। उन्होंने स्थानीय भागीदारी के साथ बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर दिया।
जवानों की याद में पाचं इमारतों का उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान डीजीपी ने कुपवाड़ा में ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले बहादुर जवानों की याद में समर्पित पांच इमारतों का उद्घाटन किया। इनका निर्माण कुपवाड़ा पुलिस द्वारा उनके बलिदान को श्रद्धांजलि के रूप में किया गया था। दौरे के दौरान एडीजीपी कश्मीर जोन विजय कुमार, डीआईजी एनकेआर विवेक गुप्ता, एसएसपी कुपवाड़ा युगल मन्हास और एसएसपी हंदवाड़ा शीमा नबी कस्मा मौजूद रहीं। उन्होंने कंडी, क्रालपोरा और ड्रगमुला में नई पुलिस पोस्ट्स का उद्घाटन किया।
अब पाकिस्तान ने नशा युद्ध की तरफ बदली रणनीति
सिंह ने नशीली दवाओं के व्यापार की चुनौती पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दशकों के उग्रवाद के बाद पाकिस्तान ने अब अपनी रणनीति को नशा युद्ध की ओर स्थानांतरित की है। इसके खिलाफ जुझारू प्रयासों की जरूरत है। जैसे हमने उग्रवाद से लड़ाई लड़ी, उम्मीद है कि हम जम्मू-कश्मीर से इस ड्रग का सफाया कर देंगे, लेकिन हमें बड़े पैमाने पर लोगों, नागरिक समाज और युवाओं के सक्रिय समर्थन की जरूरत है।