जम्मू-कश्मीर में स्कूली शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में बदलाव लाने के लिए विभाग एक शैक्षणिक सुधार समिति का गठन करेगा। यह समिति छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया करवाने के साथ उनमें वैज्ञानिक सोच को विकसित करेगी। इस समिति में विभिन्न स्तर के शिक्षक शामिल होंगे। इसकी जानकारी एक बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर के उपराज्यापल ने दी।
एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि इस पहल से शिक्षकों में सशक्तिकरण की भावना विकसित होने के साथ उनमें अपने कर्तव्य के प्रति अधिक जिम्मेदारी और जवाबदेही बढ़ेगी। हम सभी के लिए शिक्षा जैसे बड़े लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।
प्रदेश में साक्षरता दर में सुधार के लिए सभी स्तरों पर प्रयास करने की जरूरत है। एलजी ने शिक्षकों के क्षमता निर्माण के लिए नियमित प्रशिक्षण के साथ विभाग को छात्र-शिक्षक अनुपात को युक्तिसंगत बनाने को कहा। कहा कि प्रदेश के असली नायकों की कहानियों को पाठ्यपुस्तकों में शामिल किया जाए, ताकि नई पीढ़ी उनके जीवन से रुबरू हो सके।
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निष्ठा कार्यक्रम में अव्वल रहा प्रदेेश
स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव बीके सिंह ने बताया कि निष्ठा कार्यक्रम के तहत जम्मू-कश्मीर देश में अव्वल रहा है। विभाग ने 80600 प्रारंभिक शिक्षकों को ऑनलाइन मोड से प्रशिक्षित किया है। इस दौरान उन्होंने उप-राज्यपाल को स्कूल में एनरोलमेंट के बारे में बताया।