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जम्मू-कश्मीर: सोपोर हमले की राजनीतिक पार्टियों ने एक सुर में की निंदा, कहा बौखलाए हैं आतंकी

Sat, 12 Jun 2021 07:35 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

नेकां, पीडीपी, कांग्रेस, भाजपा, पीपुल्स कांफ्रेंस व अपनी पार्टी ने बर्बरतापूर्ण कृत्य बताया।
 
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सोपोर में आतंकी हमला - फोटो : साकिब नबी
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विस्तार
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सोपोर हमले की सभी राजनीतिक पार्टियों नेकां, पीडीपी, कांग्रेस, भाजपा, पीपुल्स कांफ्रेंस व अपनी पार्टी ने निंदा करते हुए कहा कि यह बर्बरतापूर्ण घटना है। इस प्रकार की घटना आतंकियों की बौखलाहट दिखाती है। नेकां के उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस प्रकार के हमलों के बिना किसी आरक्षण के निंदा की जानी चाहिए। ट्वीट किया कि हमले में मारे गए परिवारों के प्रति पूरी सहानुभूति है। प्रार्थना है कि परिवार को इस दुख को सहने की असीम शक्ति मिले।

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साथ ही घायलों के स्वस्थ होने की कामना है। नेकां ने कहा कि सरकार को इस प्रकार की घटनाओं को रोकना सुनिश्चित करना चाहिए।  पीडीपी ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि कहा कि इस प्रकार की घटना से वह आहत है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी हमले को बर्बरतापूर्ण बताते हुए कहा कि आतंकियों ने शर्मनाक कृत्य किया है। पार्टी शहीद पुलिसकर्मियों तथा मारे गए नागरिकों के परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि आतंक का कश्मीर में कोई स्थान नहीं है।

निर्दोशों की हत्या बर्बरतापूर्ण कार्रवाई है। यह आतंकियों की हताशा को दर्शाता है जिसमें वे भीड़ भरे बाजार में नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने हत्यारों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की। पीपुल्स कांफ्रेंस प्रमुख सज्जाद लोन ने कहा कि कब यह पागलपन समाप्त होगा। कश्मीर में 1989 में बंदूक का पर्दापण हुआ। बंदूक ने गुलाम बना लिया है। बंदूकधारियों को वास्तव में विचार करना चाहिए कि वे किसकी लड़ाई लड़ रहे हैं।
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जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी प्रमुख अल्ताफ बुखारी ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि यह हृदयविदारक है। हिंसा से कभी किसी समस्या का समाधान नहीं हुआ है, बल्कि यह किसी भी समाज में शांति व विकास में बाधक बनता है। अलगाववादी ताकतें केवल लोगों के  दुख बढ़ा रही हैं। किसी भी राजनीतिक विचारधारा या धार्मिक मायने में हिंसा स्वीकार्य नहीं है। हिंसा समाज के सभी तबकों को तबाह कर रही है और कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।

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