परिसीमन आयोग के छह से नौ जुलाई तक के दौरे के मद्देनजर राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए हैं। बैठकों का सिलसिला शुरू हो गया है। जम्मू और कश्मीर संभाग के कई क्षेत्रों में नए विधानसभा क्षेत्र बनाने की मांग उठ खड़ी हुई है। जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के अध्यक्ष सैयद मोहम्मद अल्ताफ बुखारी ने कहा कि पार्टी के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल परिसीमन आयोग से मिलकर अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करेगा।
लाल चौक श्रीनगर में पार्टी मुख्यालय में बुखारी ने कहा कि अपनी पार्टी ने पहले ही परिसीमन को लेकर अपना होमवर्क पूरा कर लिया है और सीमाओं के समायोजन और विधानसभा क्षेत्रों की सीमा के विवरण पर आयोग के समक्ष याचिका दायर करेगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए एक क्षेत्र को दूसरे के खिलाफ खड़ा करने के लिए जोर नहीं दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि 24 जून को नई दिल्ली में आयोजित सर्वदलीय बैठक के दौरान परिसीमन प्रक्रिया के पूरा होने की प्रतीक्षा किए बिना जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने का अनुरोध किया था, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने तर्क दिया कि जम्मू-कश्मीर में परिसीमन की तुलना असम के साथ नहीं की जा सकती, जहां प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी।
यह जम्मू-कश्मीर में सीटों की संख्या में वृद्धि के कारण हो सकता है। उन्होंने कहा कि अपनी पार्टी ने श्रीनगर और जम्मू दोनों में अपने नेताओं के दो प्रतिनिधिमंडल बनाने का फैसला किया है, जो आयोग से मिलेंगे। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को आयोग के सामने अपनी याचिकाएं दायर करने को भी कहा।
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