विदेशी निवेशक लघु उद्योगों में भी निवेश कर सकेंगे, बशर्ते वे एफडीआई नीति के तहत प्रतिबंधित नहीं हों। विदेशी निवेश आधारभूत ढांचों से जुड़ी कंपनियों में संभव है, लेकिन यह कुल पूंजी का 49 फीसदी तक होगा। नेपाल व भूटान के एनआरआई व नागरिकों को निवेश की छूट होगी।
पांच साल में उत्पादन बंद किया तो लौटाना होगा इंसेंटिव
नीति में कहा गया है कि योजना के तहत इंसेंटिव प्राप्त करने वाली इकाइयां यदि 10 वर्ष की अवधि में उत्पादन बंद कर देती हैं तो उत्पादन बंद करने की तिथि से इंसेंटिव की हकदार नहीं होगी। इसके साथ ही पांच साल के भीतर उत्पादन बंद करती हैं तो वे प्राप्त किए सभी अनुदान व इंसेंटिव को लौटाने के लिए बाध्य होंगी। यदि किसी ने गलत जानकारी के आधार पर इंसेंटिव प्राप्त किया होगा तो उसे प्रति वर्ष 15 फीसदी ब्याज के साथ इंसेंटिव की राशि लौटानी होगी।
इन क्षेत्रों में निवेश
पर्यटन व हॉस्पिटेलिटी सेवाएं (स्वास्थ्य व स्वास्थ्य देखभाल पर्यटन), फिल्म पर्यटन, फिल्म सिटी व फिल्म स्टूडियो, रोप-वे व मनोरंजन पार्क, हेरिटेज स्थलों का संरक्षण, आईटी सेवाएं, फ्रेट टर्मिनल, लॉजिस्टिक पार्क व कोल्ड स्टोर, शैक्षिक व कौशल विकास सेवाओं आदि क्षेत्रों में निवेश होगा।
केंद्र सरकार की एफडीआई शर्ते होंगी प्रभावी
उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव रंजन प्रकाश ठाकुर की ओर से जारी विदेशी निवेश प्रोत्साहन नीति में कहा गया है कि केंद्र सरकार की ओर से समय-समय पर जारी एफडीआई नीति में वर्णित शर्तें लागू होंगी। केंद्र सरकार की ओर से एफडीआई के लिए जारी प्रक्रियागत दिशा-निर्देश जम्मू-कश्मीर औद्योगिक नीति 2021-30 व जम्मू-कश्मीर औद्योगिक भूमि आवंटन नीति 2021-30 के साथ ही प्रभावी होंगे।