दमकल वाहनों को फौरन मौके पर भेजकर आग बुझाने की कोशिश की गई। देर रात तक आग बुझाने का काम चलता रहा। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सिलेंडर में ब्लास्ट की वजह से इमरजेंसी थिएटर में आग लगी थी, जहां से आग ने अन्य भवनों को चपेट में ले लिया।
अस्पताल में भर्ती 38 मरीजों को श्री महाराजा हरि सिंह और 18 को जेवीसी अस्पताल में शिफ्ट किया गया। मामूली रूप से जख्मी मरीजों को रिश्तेदारों के घर भेज दिया गया। एसडीआरएफ की टीम के साथ ही 20 से अधिक वाहन लगे।
घटना और फायर ऑडिट की होगी जांच
मंडलायुक्त पीके पोल ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद बताया कि अस्पताल में ठंड के मौसम में हीटर के इस्तेमाल के लिए सिलेंडर रखा होता है। इसी में विस्फोट की बात सामने आ रही है। अब मौसम में सुधार की वजह से सभी सिलेंडर हटा लिए जाएंगे। यह भी जांच की जाएगी कि अस्पताल का फायर ऑडिट हुआ था कि नहीं। जान माल का नुकसान नहीं हुआ है। अस्पताल प्रशासन शनिवार की दोपहर तक घटना के कारणों की जांच कर रिपोर्ट देगा। हालांकि, भवन 20 फीसदी क्षतिग्रस्त हो चुका है।