राजोरी वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब उन्हें मातृ और शिशुओं की उचित चिकित्सा देखभाल के लिए जम्मू के अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए राजोरी के लंबेड़ी क्षेत्र में 100 बिस्तर वाला जच्चा-बच्चा (एमसीएच) अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत अस्पताल के लिए मंजूरी दी है। अस्पताल के निर्माण पर 36 करोड़ की लागत आएगी, जिसमें चालू वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 8 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए गए हैं।
अस्पताल में स्टाफ क्वार्टर, लांड्री, सेंट्रल स्टरलाइजेशन सप्लाई विभाग (सीएसएसडी) आदि का निर्माण भी किया जाएगा। इस अस्पताल से राजोरी के साथ पुंछ के लोगों को भी लाभ मिलेगा। इस अस्पताल के निर्माण को भविष्य में कोविड लहर से निपटने की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। जम्मू में कुछ महीनों पहले 200 बिस्तर का नया गांधीनगर एमसीएच शुरू किया गया है, जिसे मौजूदा कोविड अस्पताल के रूप में चलाया जा रहा है।
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इसके बाद लंबेड़ी ऐसा दूसरा क्षेत्र बना है, जहां स्वतंत्र रूप से 100 बिस्तर वाला किसी जच्चा-बच्चा अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। लंबेड़ी जम्मू जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है। यह क्षेत्र पूर्व की ओर से कालाकोट, सुंदरबनी, बुद्धल, राजोरी और उत्तर की ओर से पुंछ से घिरा हुआ है। दोनों ही जिलों की आबादी कई लाख है, लेकिन दोनों ही जिलों में जच्चा बच्चा की विशेष चिकित्सा सुविधाएं न होने के कारण लोगों को मातृ और शिशु चिकित्सा के लिए जम्मू तक आना पड़ता है।
लाखों लोगों को मिलेगा लाभ
मिशन निदेशक यासीन चौधरी ने बताया कि सरकार पहाड़ी व दूरदराज के इलाकों में सर्वोत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए उचित प्रयास कर रही है और लंबेड़ी में एमसीएच अस्पताल का निर्माण जच्चा बच्चा स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बड़ी पहल होगा। इससे राजोरी के साथ पुंछ के लाखों लोगों को चिकित्सा लाभ मिलेगा। एमसीएच लंबेडी सामान्य प्रसव, उच्च जोखिम वाले गर्भधारण के प्रबंधन, नवजात देखभाल सुविधा आधारित मातृ व बाल स्वास्थ्य सेवाओं के एक आवश्यक केंद्र के रूप में काम करेगा।