जम्मू कश्मीर की जेलों की सुरक्षा बढ़ाते हुए जम्मू की कोट भलवाल और श्रीनगर सेंट्रल जेल में जैमर लगने का काम शुरू हो गया है। जैमर लगाने से पहले दोनों जेलों के अंदर इंटरकाम का काम पूरा कर लिया गया है।
इंटरकाम के काम के कारण जैमर लगाने का काम लटका हुआ था। जेल के अंदर कर्मचारियों के बीच आपसी वार्तालाप और कामकाज को लेकर की जाने वाली बातचीत इंटरकाम से होगी। जैमर के कारण जेल के आसपास किसी भी मोबाइल आदि सामग्री निष्क्रिय हो जाएगी।
जेल में जैमर लगाने का प्रस्ताव वर्ष 2006 में दिया गया था। जब कोट भलवाल जेल में कैदियों ने हिंसा कर दी थी। जेल के अंदर मोबाइल, कूलर, गैस सिलेंडर आदि सामान को बड़े पैमाने पर जब्त किया गया था।
जेल के अंदर ही मोबाइल पर अमनदीप हत्याकांड के आरोपी नागर सिंह पर भी सुपरिंटेंडेंट के मोबाइल और लैंड लाइन से सुपारी किलरों को सुपारी देने के भी आरोप हैं। इसके बाद श्रीनगर जेल में आए दिन सुरक्षा को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ता रहता था।
पिछले साल ही जैमर लगाने का टेंडर जारी किया गया था। टेंडर प्रक्रिया के बाद इंटरकाम लगाने का काम शुरू हुआ। इंटरकाम का काम जोर-शोर से शुरू किया गया है। संभावना है चुनावों से पहले जेलों में जैमर लग जाएगा।
कोट भलवाल और श्रीनगर सेंट्रल जेल के बाद अन्य जेलों में भी जैमर लगाए जाएंगे। जेल विभाग के महानिदेशक के राजेंद्रा ने भी जेल का दौरा करके जैमर लगाने की प्रक्रिया का निरीक्षण किया।