बारामुला जिले के सोपोर के राफियाबाद इलाके में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के चीफ ऑपरेशनल कमांडर उमर खालिद को सुरक्षा बलों ने सोमवार को मुठभेड़ में मार गिराया। ए डबल प्लस श्रेणी के इस पाकिस्तानी आतंकी पर सात लाख रुपये का इनाम था। उसके पास से हथियार भी बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार घाटी में जैश के सभी हमलों के पीछे यही मास्टरमाइंड था।
राफियाबाद के लाडूरा में सोमवार को पुलिस को एक आतंकी की मौजूदगी की सूचना मिली, जिसके आधार पर सेना की 32 आरआर, सीआरपीएफ की 179, 177 और 92 बटालियन के साथ-साथ पुलिस के एसओजी द्वारा इलाके का घेराव किया गया। घेरा सख्त होता देख आतंकी ने सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड दागा। कुछ देर की जवाबी कार्रवाई के बाद आतंकी ढेर कर दिया गया।
एसएसपी सोपोर हरमीत सिंह मेहता ने बताया कि सुबह करीब 11:30 बजे सूचना मिली कि इलाके में जैश के चीफ ऑपरेशनल कमांडर उमर खालिद उर्फ खालिद भाई को देखा गया है, जिसके आधार पर डीएसपी ऑपरेशन की अगुवाई में एक टीम को मौके पर भेजा गया। इस दौरान उसने मौके पर पहुंची टीम पर ग्रेनेड दागा।
इसके बाद जवानों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह पैर में गोली लगने से घायल हो गया। घायल आतंकी गांव की ओर करीब 500 मीटर दूर भागा, लेकिन खून के निशानों का पीछा कर उसे ढूंढा लिया गया। आखिर एक मकान में छिपे इस आतंकी को मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया।
पुलिस महानिदेशक डॉ. एसपी वैद ने बताया कि मारा गया जैश का चीफ ऑपरेशनल कमांडर खालिद पिछले 5 से 6 वर्षों से घाटी में सक्रिय था। घाटी में जैश की जड़ें मजबूत करने के लिए वह अहम भूमिका निभा रहा था।
वैद के अनुसार खालिद घुसपैठ करने वाले नए आतंकियों को उत्तरी कश्मीर से दक्षिणी कश्मीर तक पहुंचाने में पूरा सहयोग दिया करता था। घाटी में जैश के द्वारा अंजाम दिए गए सभी हमलों के पीछे वह मास्टरमाइंड था।