रियासत में मौसम तबाही पर आमादा है। ओले, बारिश, हिमपात और बर्फीले तूफान ने अब तक एक मेजर और एक ही परिवार के चार लोगों समेत छह की जान ले ली है। कई इलाके देश-दुनिया से पूरी तरह कट गए हैं। जम्मू से श्रीनगर के बीच नेशनल हाईवे बंद हैं। उड़ानें प्रभावित हैं। मुगल रोड भी बंद है। घाटी में ज्यादातर इलाकों में पारा शून्य से नीचे है। पर्वतीय इलाकों में और भी बर्फीले तूफान आने का खतरा मंडरा रहा है।
रियासी जिले के गंदाली क्षेत्र में बुधवार शाम को बारिश के दौरान अब्दुल अजीज का कच्चा मकान गिर जाने से उसकी पत्नी जैतून बेगम तथा बेटी फूला घायल हो गईं। दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां से दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद जीएमसी जम्मू रेफर कर दिया गया।
सोनमर्ग में बर्फीला तूफान 115 टेरिटोरियल आर्मी के कैंप पर कहर बनकर टूटा। यहां बड़े पैमाने पर पहाड़ से खिसक कर नीचे आई बर्फ में दबने से हाई अल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल (एचएडब्ल्यूएस) में तैनात मेजर अमित सागर की मौत हो गई। एसएसपी गांदरबल इम्तियाज अहमद पर्रे ने बताया कि घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आठ जवानाें को सुरक्षित निकाला गया।
गुरेज में हुए हिमस्खलन में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत
snowfall
- फोटो : File Photo
बुधवार तड़के ही बांदीपोरा जिले के गुरेज सेक्टर में एलओसी से सटे बदूगाम में बर्फीले तूफान ने एक मकान को ध्वस्त कर दिया। घर में मौजूद मेहराजुद्दीन लोन, उनकी पत्नी अजीजी (50), बेटा इरफान (22) और बेटी गुलशन (19) बर्फ के नीचे दब गए। बाहर निकाले जाने तक चारों की मौत हो चुकी थी।
रेस्क्यू ऑपरेशन में इसी परिवर के एक सदस्य रियाज अहमद (18) को बचा लिया गया। आसपास के घरों को भी खाली कराया गया है। कुपवाड़ा जिले के करालपोरा इलाके में छत पर बर्फ साफ कर रहे अब्दुल गनी गनेई की पांव फिसलने से नीचे गिरने पर मौत हो गई। श्रीनगर के पंथाचौक में पहाड़ से चट्टान गिरने से मकान जमींदोज हो गया। राजोरी जिले की मंजाकोट तहसील में जोरदार बारिश से कट्टारमल गांव के रहने वाले मोहम्मद कदीर का कच्चा मकान ढह गया। इसमें दो महिलाएं ज़ख्मी हो गईं।
जवाहर टनल पर बर्फ गिरने और रामबन से बनिहाल तक कई जगह भूस्खलन के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद कर दिया गया। सैकड़ों मुसाफिर हाईवे पर फंसे हैं। श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अधिकांश उड़ाने रद्द कर दी गईं। बनिहाल-बारामुला के बीच 13 डीएमयू रद्द रहीं। 28 के बजाय 15 डीएमयू ही चलाई जा सकीं। मां वैष्णो देवी भवन के लिए कटड़ा-सांझीछत चॉपर सेवा बाधित रही। रियासत के अधिकांश इलाकों में दिन भर बारिश होती रही। जम्मू में कई स्थानों पर ओले भी गिरे। बर्फबारी से बिजली ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।
मौसम विभाग के अनुसार वीरवार को भी कश्मीर और जम्मू में बर्फबारी और बारिश होगी। बुधवार को श्रीनगर में दो सेंटीमीटर, पहलगाम में 13, कुपवाड़ा में 11, गुलमर्ग में 30, बनिहाल में 5 और भद्रवाह में 1 सेंटीमीटर बर्फ गिरी। अधिकांश हिस्सों में दिन का पारा 8 से 9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। राजोरी और पुंछ जिलों में कई जगह पस्सियां गिरने से दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। कठुआ जिले के के बनी के पर्वतीय इलाकों में भी बर्फबारी हुई। अलग-अलग स्थानों से बड़ी तादाद में मकानों के पूर्णत: और आंशिक रूप से क्षेतिग्रस्त होने की सूचनाएं मिल रहीं हैं।
उच्च खतरे वाले हिमस्खलन की चेतावनी
जम्मू। चंडीगढ़ स्थित स्नो एंड एवलांच स्टडी इस्टेब्लिशमेंट (एसएएसई) की ओर से बुधवार शाम पांच बजे से अगले चौबीस घंटों के लिए रियासत के कुपवाड़ा, बांदीपोरा, अनंतनाग, बारामुला, गांदरबल, कुलगाम, बड़गाम, पुंछ, राजोरी, रामबन, रियासी, डोडा और किश्तवाड़ जिलों के लिए उच्च श्रेणी के खतरे वाले हिमस्खलन की चेतावनी जारी की गई है।