आसाराम की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। जम्मू की एक अदालत में उनके आश्रम में तीन बच्चों को दफनाए जाने के आरोपों की जांच की मांग पर कोर्ट ने संबंधित थाना नवाबाद को मामले की जांच करके रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
यह निर्देश स्पेशल मोबाइल मजिस्ट्रेट इलेक्ट्रिसिटी सब जज बलबीर लाल की कोर्ट ने दिया।
ऑल इंडिया किसान सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज कुमार चौधरी ने अदालत में दी अर्जी में बताया कि एक चैनल को दिए इंटरव्यू में आसाराम के करीबी रह चुके आचार्य भोलानंद ने सनसनीखेज खुलासा किया।
उन्होंने बताया जम्मू के भगवती नगर स्थित आसाराम बापू के आश्रम में कुछ साल पहले तीन बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इन तीनों बच्चों को आश्रम के अंदर ही दफनाया गया था। उस समय आचार्य भोलानंद जम्मू में ही थे।
फरियादी के एडवोकेट एमपी सिंह ने कहा कि संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत एक गंभीर मुद्दा है। उससे अधिक गंभीर यह है कि तीन बच्चों के शव को आश्रम के अंदर ही दफना दिया गया।
डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि इंटरव्यू सात अक्तूबर को प्रसारित हुआ था। पुलिस को सबसे पहले कार्रवाई करते हुए आश्रम को सीज करना चाहिए ताकि सबूतों से छेड़छाड़ नहीं हो।
मामले में कोर्ट ने 156 (3) सीआरपीसी में जांच करने और रिपोर्ट करने के आदेश दिए है। एसएचओ नवाबाद जयपाल शर्मा के अनुसार उन्हें कोर्ट के आदेश प्राप्त हो गए हैं। पूरे मामले की जांच की जाएगी। जरूरत पड़ी तो भोलानंद को जम्मू बुलाया जाएगा।
उधर, मुंबई में मौजूद आचार्य भोलानंद ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि वह अपने बयानों पर कायम है।