दरअसल, कोरोना वायरस के चलते पिछले एक सप्ताह में भारतीय सेना, अर्धसैनिक बल और जम्मू-कश्मीर पुलिस की बड़ी आवाजाही रोक दी गई है। मतलब कोई भी जवान भीड़वाली जगहों पर न जाए और न ही यात्रा करे। इसका असर यह हुआ कि बॉर्डर और कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में तैनात बटालियनों में जवानों की संख्या बढ़ गई।
अर्धसैनिक बलों, खासतौर पर सीआरपीएफ और बीएसएफ ने जवानों को केवल विषम परिस्थितियों में ही छुट्टी देने का फैसला लिया है। इसी तरह सेना में भी इस नियम को लागू किया गया है। सुरक्षा बलों के ट्रांजिट कैंप पर उन सभी जवानों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं, जो पहले से छुट्टी पर हैं।
साथ ही जिन जवानों को छुट्टी पर जाना था, उन्हें अभी वहीं पर रोक लिया गया है। इससे विभिन्न बटालियनों में जवानों की संख्या तय मानकों से ज्यादा हो गई है। चूंकि जवानों को यात्रा नहीं करने के लिए कहा गया है, इसलिए अधिकांश जवान आतंकियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन का हिस्सा बन गए हैं।
जहां पहले दो या तीन बड़े सर्च ऑपरेशन होते थे, अब इनकी संख्या पांच-छह तक बढ़ा दी गई हैं। मार्च माह के दौरान सुरक्षाबलों ने दक्षिण कश्मीर के शोपियां में जैश-ए-मुहम्मद के एक बड़े आतंकी को गिरफ्तार कर लिया। इस ऑपरेशन में सेना के साथ सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस का योगदान रहा है।
आतंकी जुनैद अहमद शेख जो कि अरिहाल 'पुलवामा' का रहने वाला है। उसने सोशल मीडिया पर हथियारों संग अपनी तस्वीर अपलोड कर आतंकी बनने का एलान किया था। इसके अलावा गुरुवार को पाकिस्तानी सेना और आईएसआई ने मिलकर घुसपैठ का एक बड़ा प्रयास किया था।
इसके लिए आतंकी संगठनों और आईएसआई की बी टीम कही वाली बैट यानी 'बॉर्डर एक्शन टीम' के दर्जनभर आतंकियों की मदद ली गई।
पाकिस्तानी सेना ने दिगवार सेक्टर में भारतीय सेना की चौकियों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में छह आतंकियों को ढेर कर दिया। इनमें से तीन बैट के सदस्य बताए गए हैं।
आईएसआई ने पाकिस्तान के कब्जे वाले चिड़ीकोट स्थित एक लांचिंग पैड से करीब आधा दर्जन आतंकियों को कश्मीर में घुसपैठ कराने की साजिश रची थी, जिसे भारतीय सुरक्षा बलों ने पूरी तरह नाकाम कर दिया।
दूसरी ओर सुरक्षाबलों ने दक्षिण कश्मीर के कुलगाम और उत्तरी कश्मीर के करालगुंड व कुपवाड़ा आदि इलाकों में विशेष सर्च ऑपरेशन शुरु किया। इस दौरान आतंकियों के छिपने के कई ठिकाने ध्वस्त कर दिए गए। सुरक्षा बलों ने आतंकियों के ठिकानों से IED तैयार करने की सामग्री बरामद की थी।