फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना वायरस के चलते रद्द हुईं छुट्टियों का फायदा उठा रहे हैं सुरक्षा बल, आतंकियों को पहुंचा रहे 'यमलोक'

Sat, 21 Mar 2020 04:06 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • पिछले एक सप्ताह में भारतीय सेना, अर्धसैनिक बल और जम्मू-कश्मीर पुलिस की बड़ी आवाजाही रोकी
  • बॉर्डर और कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में तैनात बटालियनों में जवानों की संख्या बढ़ी
  • जिन जवानों को छुट्टी पर जाना था, उन्हें अभी वहीं पर ही रोका गया
विज्ञापन
Security Forces Jammu and Kashmir - फोटो : Social Media (File)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए देश दुनिया में कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। सुरक्षा बल लोगों को सचेत करते हुए अपना बचाव कर रहे हैं। उनकी छुट्टियां रद्द हो गई हैं। भारत-पाक बॉर्डर के अलावा कश्मीर के अंदरूनी हिस्सों में तैनात सुरक्षा बलों में अब एकाएक जवानों की संख्या बढ़ गई है।

विज्ञापन

इसकी वजह है कि जवानों को किसी भी तरह की यात्रा के लिए मना कर दिया गया है। मतलब जो जहां है, वहीं रहे। भारतीय सुरक्षा बलों ने मौके का भरपूर फायदा उठाते हुए कोरोना वायरस के खतरे के बीच उन्होंने आतंकियों को यमलोक पहुंचाने का न केवल प्लान तैयार किया, बल्कि उसे अंजाम तक भी पहुंचाया।

सर्च ऑपरेशन कर आतंकियों के कई ठिकानों को नष्ट कर दिया। सुरक्षा बलों के एक बड़े अधिकारी के अनुसार, आगामी दो सप्ताह में कई और आतंकवादी यमलोक पहुंच जाएंगे। आतंकियों के नए ठिकानों का पता चला है। भारत-पाक सीमा पर घुसपैठ के खुफिया अलर्ट मिलने के बाद वहां भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
विज्ञापन

 

दरअसल, कोरोना वायरस के चलते पिछले एक सप्ताह में भारतीय सेना, अर्धसैनिक बल और जम्मू-कश्मीर पुलिस की बड़ी आवाजाही रोक दी गई है। मतलब कोई भी जवान भीड़वाली जगहों पर न जाए और न ही यात्रा करे। इसका असर यह हुआ कि बॉर्डर और कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में तैनात बटालियनों में जवानों की संख्या बढ़ गई।

अर्धसैनिक बलों, खासतौर पर सीआरपीएफ और बीएसएफ ने जवानों को केवल विषम परिस्थितियों में ही छुट्टी देने का फैसला लिया है। इसी तरह सेना में भी इस नियम को लागू किया गया है। सुरक्षा बलों के ट्रांजिट कैंप पर उन सभी जवानों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं, जो पहले से छुट्टी पर हैं।

साथ ही जिन जवानों को छुट्टी पर जाना था, उन्हें अभी वहीं पर रोक लिया गया है। इससे विभिन्न बटालियनों में जवानों की संख्या तय मानकों से ज्यादा हो गई है। चूंकि जवानों को यात्रा नहीं करने के लिए कहा गया है, इसलिए अधिकांश जवान आतंकियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन का हिस्सा बन गए हैं।

जहां पहले दो या तीन बड़े सर्च ऑपरेशन होते थे, अब इनकी संख्या पांच-छह तक बढ़ा दी गई हैं। मार्च माह के दौरान सुरक्षाबलों ने दक्षिण कश्मीर के शोपियां में जैश-ए-मुहम्मद के एक बड़े आतंकी को गिरफ्तार कर लिया। इस ऑपरेशन में सेना के साथ सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस का योगदान रहा है।

आतंकी जुनैद अहमद शेख जो कि अरिहाल 'पुलवामा' का रहने वाला है। उसने सोशल मीडिया पर हथियारों संग अपनी तस्वीर अपलोड कर आतंकी बनने का एलान किया था। इसके अलावा गुरुवार को पाकिस्तानी सेना और आईएसआई ने मिलकर घुसपैठ का एक बड़ा प्रयास किया था।

इसके लिए आतंकी संगठनों और आईएसआई की बी टीम कही वाली बैट यानी 'बॉर्डर एक्शन टीम' के दर्जनभर आतंकियों की मदद ली गई।

पाकिस्तानी सेना ने दिगवार सेक्टर में भारतीय सेना की चौकियों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में छह आतंकियों को ढेर कर दिया। इनमें से तीन बैट के सदस्य बताए गए हैं।

आईएसआई ने पाकिस्तान के कब्जे वाले चिड़ीकोट स्थित एक लांचिंग पैड से करीब आधा दर्जन आतंकियों को कश्मीर में घुसपैठ कराने की साजिश रची थी, जिसे भारतीय सुरक्षा बलों ने पूरी तरह नाकाम कर दिया।

दूसरी ओर सुरक्षाबलों ने दक्षिण कश्मीर के कुलगाम और उत्तरी कश्मीर के करालगुंड व कुपवाड़ा आदि इलाकों में विशेष सर्च ऑपरेशन शुरु किया। इस दौरान आतंकियों के छिपने के कई ठिकाने ध्वस्त कर दिए गए। सुरक्षा बलों ने आतंकियों के ठिकानों से IED तैयार करने की सामग्री बरामद की थी।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें