सेना, पुलिस और सीआरपीएफ ने श्रीनगर में एक सयुंक्त प्रेस कांफ्रेस कर घाटी में मौजूद आतंकियों से आत्मसमर्पण करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने आतंकियों को हिंसा के रास्ते पर ना चलने के लिए भी कहा।
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कश्मीर में सीआरपीएफ के आईजी हसन ने प्रेस कांफ्रेस के दौरान कहा कि उनकी गिरफ्त में आया आतंकी आदिल को मारा भी जा सकता था लेकिन उसे जीने का एक मौका दिया है ताकि वो समाज की मुख्यधारा में आकर आम नागरिक की तरह अपनी जिंदगी की शुरुआत कर सके। इसलिए मारने की बजाय हमने उसे जिंदा ही पकड़ा है।
आईजी ने आगे कहा कि सरकार की तरफ से ये उन आतंकियों के लिए खुला संदेश है जो अभी भी आमजन की तरह जीना चाहते हैं अगर वे आतंक के रास्ते को छोड़ना चाहते हैं तो उनके लिए अपनी जिंदगी को फिर से आम आदमी की तरह जीने का ये सुनहरा अवसर है।
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हसन ने आगे घाटी के लोगों को लेकर कहा कि सरकार उनके भविष्य को लेकर सचेत है और उन्हें पूरी तरह से सुरक्षा मुहैया कराने के मूड में है। आईजी ने अपील कर आगे कहा कि हरेक को उन लोगों से दूर रहना चाहिए जो आपको देश के खिलाफ भटका और भड़का रहे हैं।