जम्मू-कश्मीर की शीतकालीन राजधानी श्रीनगर में सचिवालय खुलने से पहले ही वीआईपी काफिलों को उड़ाने की साजिश का खुलासा होने से हड़कंप मच गया।
सचिवालय से मात्र दस किलोमीटर दूर एक पेट्रोल पंप के पास आतंकियों ने 11 किलोग्राम का सशक्त आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) लगाया था ताकि महत्वपूर्ण लोगों के काफिले को निशाना बनाया जा सके।
हालांकि सुरक्षा बलों ने समय रहते आईईडी को निष्क्रिय कर बड़ी वारदात को टाल दिया। छह मई से सचिवालय खुलने के बाद इसी सड़क से मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रियों के अलावा वीआईपी वाहनों का आवागमन इस मार्ग से होना है।
सैन्य प्रवक्ता के अनुसार सचिवालय खुलने से पहले दो-राष्ट्रीय राइफल्स की रोड ओपेनिंग पार्टी (आरओपी) की खुफिया टीम की सचिवालय से मात्र दस किलोमीटर दूर शालटेंग इलाके में छुपाकर रखे गए आईईडी पर नजर पड़ी।
चावल की एक बोरी में प्रेशर कुकर में आईईडी छिपाकर रखा गया था। जवानों ने तत्काल हाईवे के दोनों ओर ट्रैफिक रोक दिया। आसपास के दुकानदारों और अन्य लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
इसके साथ बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया। दोपहर दो बजे के लगभग आईईडी को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया गया। प्रवक्ता के अनुसार यदि समय रहते आईईडी का पता न चलता तो कोई भी बड़ी वारदात हो सकती थी।
इस दौरान हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम में फंसे लोग अपने गंतव्य तक देरी से पहुंचे।
बोस्टन मैराथन विस्फोट से मिलता जुलता आईईडी
पिछले दिनों अमेरिका में बोस्टन मैराथन के दौरान हुए विस्फोट में उपयोग आईईडी से मिलता-जुलता आईईडी श्रीनगर में बरामद हुआ है।
सैन्य प्रवक्ता के अनुसार जांच में पता चला है कि यह वही आईईडी है, जिससे मैराथन के दौरान अटैक किया गया था। चिनार कोर के जीओसी ने समय रहते आईईडी का पता लगाने के लिए दो-आरआर की इंटेलिजेंस की सराहना की है।