दुर्गम क्षेत्र और अलग जलवायु के बावजूद लद्दाख रीजन में आलू की खेती को बढ़ावा मिलने जा रहा है। सेना, टाटा ट्रस्ट और नागरिक प्रशासन के सहयोग से लेह और कारगिल के किसानों को खास किस्म के हाइब्रिड आलू के बीज का वितरण शुरू कर दिया है। पहले चरण में 23 मीट्रिक टन बीज का वितरण शुरू किया गया, जिसे बाकायदा लेह में समारोह का आयोजन कर अंजाम दिया गया।
एलएएचडीसी के सीईसी डा. सोनम दवा लोंपो, फायर एंड फ्यूरी कार्प्स के चीफ आफ स्टाफ, प्रशासनिक अधिकारियों सहित अन्य अतिथियों की मौजूदगी में कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा लद्दाख के किसानों की कृषि क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से यह कवायद शुरू की गई है।
सितंबर 2015 में सेमिनार के दौरान इस बाबत सहमति बनाई गई थी जिसके बाद टाटा ट्रस्ट ने नवीनतम तकनीक से तैयार हाइब्रिड आलू के बीज की खेप को पुणे से चंडीगढ़ तक पहुंचाया। फिर सैन्य वायु सेवा के माध्यम से बीज को लेह पहुंचाया गया।
यह बीज लेह और कारगिल के विभिन्न गांवों में वितरित किया जाएगा। चुनिंदा गांवों को नोडल हब के तौर पर तैयार किया जाएगा जहां से आलू की खेती को और विस्तार दिया जाएगा। सितंबर 2015 में आयोजित सेमिनार में मेजर जनरल एएस चौधरी और टाटा ट्रस्ट से अभय गांधी मौजूद थे।