उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले कुपवाड़ा के तंगधार सेक्टर के करीब साधना टॉप पर हिमस्खलन की चपेट में आए 11 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। रेस्क्यू आपरेशन में दो लोगों को बचाया गया है, जिसमें एक आठ साल का बच्चा है।
कुपवाड़ा को करनाह के साथ जोड़ने वाला 75 किलोमीटर लंबा यह रास्ता बर्फबारी के बाद अधिकतर बंद रहता है लेकिन इस बार दिसंबर में कुछ दिन बंद रहने के बाद इसे क्लीयर कर खोल दिया गया था।
साधना टॉप के करीब खूनी नाला इलाके में शुक्रवार दोपहर दो हिमस्खलन की घटनाएं सामने आई। पहली घटना में बॉर्डर रोड आर्गेनाईजेशन (बीआरओ) के दो अधिकारी हिमस्खलन की चपेट में आ गए।
इस दौरान एक अधिकारी घायल हो गया जबकि एक सेक्टर कमांडर बर्फ के साथ बह गया, जिसकी शिनाख्त 109 आरसीसी के एमपी सिंह के तौर पर हुई थी। दूसरी घटना में एक पैसेंजर सूमो (जेके09-3249) साधना टॉप के पास खूनी नाले इलाके में हिमस्खलन की चपेट में आ गई।
इस गाड़ी के ड्राईवर जहूर अहमद ने कूदकर जान बचाई। घटना के तुरंत बाद सेना की एवलांच रेस्क्यू टीम, एसडीआरएफ, पुलिस, बॉर्डर रोड आर्गेनाईजेशन के जवानों के साथ-साथ स्थानीय लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
इस दौरान 11 साल के अब्दुल वाहिद पर्रे को जिंदा रेस्क्यू किया गया, जिसे तुरंत श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल रेफर किया गया। रात में अंधेरा और खराब मौसम के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन स्थगित किया गया था, जिसे शनिवार तड़के फिर से शुरू किया गया।
इस दौरान गुलाम नबी भट को जिंदा निकाला गया और उसे श्रीनगर के स्किम्स अस्पताल रेफर किया गया। करीब 24 घंटे तक चले ऑपरेशन में 11 शव भी बरामद हुए।