ऑल जम्मू होटल्स एंड लाज एसोसिएशन की बैठक में सरकार दारा होटल उद्योग के लिए कोई राहत पैकेज की घोषणा न करने पर रोष जताया गया है। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार उचित प्रयास नहीं कर रही है, जिससे होटल उद्योग बुरी तरह से प्रभावित है। कोविड महामारी से होटल उद्योग के लिए आर्थिक संकट बढ़ा है।
एसोसिएशन के चेयरमैन इंद्रजीत खजूरिया और प्रधान पवन गुप्ता ने पदाधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक करते हुए बताया कि उपराज्यपाल को लिखे पत्र में पर्यटन क्षेत्र विशेष रूप से होटल उद्योग की अनदेखी करने पर निराशा व्यक्त की गई है। जम्मू से कटड़ा तक ट्रेन सेवा के विस्तार से पहले ही जम्मू का होटल उद्योग वेंटिलेटर पर है।
पर्यटन बिरादरी से जुड़े होटल, लाज, ढाबे, ट्रैवल एजेंट, टूर आपरेटर, शाल और हस्तशिल्प कारोबारी, सूखे मेवे, टैक्सी, आटो, ट्रांसपोर्टर आदि प्रभावित हैं। जम्मू में बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। कोविड महामारी से होटल उद्योग शून्य पर चल रहा है।
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: जम्मू शहर में 30 जून तक लगेंगे बिजली के लंबे कट, जानिए किस समय कहां होगी कटौती
चूंकि कोविड की तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है, ऐसे में सरकार को वित्तीय राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। देश के कई राज्यों में ऐसी घोषणाएं की गई हैं। बैठक में एमएल शर्मा, अनिल खजूरिया, प्रीतम शर्मा, एचएस मन्हास, बलदेव राज, सुनील सूरी आदि मौजूद रहे।