जनरल वी के सिंह सेना द्वारा जम्मू कश्मीर के कुछ नेताओं के पैसे दिए जाने संबंधी बयान से पलट गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष की नोटिस पर अपने जबाव में उन्होंने कहा है कि उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है। पूर्व सेनाध्यक्ष ने विशेषाधिकार हनन के मामले को रद करने की मांग है।
विधानसभा स्पीकर मुबारक गुल के आदेश पर शुक्रवार को जनरल सिंह के जवाब की कापी विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले सभी सदस्यों को मुहैया कराई गई। सदस्यों से उनका मंतव्य मांगा गया है।
टाइम्स नाउ और सीएनएन आईबीएन को दिए गए साक्षात्कार में वीके सिंह की ओर से रियासत जम्मू कश्मीर पर दिए गए बयान के आधार पर जम्मू कश्मीर के 15 मंत्रियों और सदस्यों ने विशेषाधिकार प्रस्ताव लाया था। इस पर स्पीकर ने जनरल से जबाव तलब किया।
जवाब पर सदस्यों से एक सप्ताह के भीतर अपना पक्ष स्पीकर के समक्ष रखने को कहा गया है, ताकि मामले में आगे कार्रवाई की जा सके। स्पीकर ने जनरल वीके सिंह के जवाब को सार्वजनिक करने के भी आदेश जारी किए हैं।
जवाब में जनरल ने कहा है कि उन पर लगाए गए आरोप गलत सूचनाओं पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि उनके इंटरव्यू में ऐसा कुछ नहीं है जिससे सदन की मर्यादा को ठेस पहुंचे। उन्होंने वही बातें कही जो किताबों और विकीलीक्स पर पहले से ही मौजूद रहे हैं।