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तालिबानी लड़ाकों की घुसपैठ की तैयारी

Sat, 14 Dec 2013 12:48 AM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, जम्मू
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लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर आतंकी को कवर फायरिंग से भारतीय सीमा में दाखिल कराने की कोशिशों में पाकिस्तानी सेना को ज्यादा सफलता नहीं मिल पाई है।
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कश्मीर घाटी और जम्मू संभाग में फिलहाल लगभग दो सौ आतंकी सक्रिय हैं लेकिन सुरक्षा बलों की असली चिंता तालिबानी लड़ाकों की संभावित घुसपैठ है। खुफिया एजेंसियों को सूचना है कि अफगानिस्तान से अमेरिका के नेतृत्व वाली नाटो सेना की वापसी के बाद तालिबानी लड़ाके कश्मीर की ओर रुख कर सकते हैं। लिहाजा अभी से तैयारियां शुरू हो गई हैं।

पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार तालिबानी लड़ाके अगर इस ओर रुख करते हैं जंग जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। फिलहाल इन तालिबानी लड़ाकों के निशाने पर नाटो सेना हैं। अगले साल नाटो सेना की अफगानिस्तान से वापसी तय है।
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उसके बाद हालात बिगड़ सकते हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संभावित स्थिति की समीक्षा की है। रक्षा मंत्रालय ने एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात जवानों को आधुनिक हथियार और उपकरण मुहैया कराने का निर्णय लिया है। आधुनिक उपकरणों की आपूर्ति जनवरी से शुरू हो सकती है।

वर्तमान में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के 42 प्रशिक्षण केंद्र चल रहे हैं। इन केंद्रों में प्रशिक्षित लगभग चार सौ आतंकी भारतीय सीमा के अंदर घुसपैठ की कोशिश करते रहे हैं। एलओसी और सीमा पर सीजफायर के उल्लंघन के दौरान भी ऐसी कोशिशें हुईं। वर्तमान में एलओसी और सीमा पर शांति है लेकिन सुरक्षा बलों को आशंका है कि धुंध का फायदा उठाकर घुसपैठ की कोशिशें फिर शुरू हो सकती हैं।
 
पुलिस सूत्रों के मुताबिक उत्तरी कश्मीर में हिज्बुल मुजाहिदीन के 8 आतंकी सक्रिय हैं। दक्षिणी कश्मीर में लश्करे तोयबा के कमांडर कासिम के नेतृत्व में आतंकी गतिविधियां चलती रही हैं। लोलाब, रजवार और त्राल के आतंकी नेतृत्व विहीन हैं।
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सुरक्षा बल उन्हें दबोचने की तैयारी में तलाशी अभियान चला रहे हैं। सीजफायर के लगातार उल्लंघन के क्रम में 80 आतंकी घुसपैठ में सफल हुए थे। पिछले साल 120 आतंकियों की घुसपैठ की सूचना खुफिया एजेंसियों को है। इन आतंकियों के स्थानीय संरक्षकों की तलाश भी की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि तालिबानी लड़ाकों का साथ मिलने पर घाटी में मौजूद आतंकी भी हमले तेज कर सकते हैं। नतीजतन सक्रियता बढ़ा दी गई है।
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