सुहावने मौसम के बीच गुरुवार को बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए जम्मू के भगवती नगर स्थित आधार शिविर से यात्रियों का पहला जत्था रवाना हुआ।
बम-बम बोले और जय शिव शंकर के जयघोष के साथ पहले जत्थे में 2466 पुरुष, 563 महिलाएं, 37 बच्चे और 91 साधुओं सहित कुल 3157 श्रद्धालु शामिल हुए।
मौसम साफ होने की सूरत में नुनवन और बालटाल से पवित्र गुफा की तरफ श्रद्धालुओं को रवाना होने की इजाजत दी जाएगी।
आधार शिविर से गुरुवार सुबह 5.30 बजे मंत्रोच्चारण के साथ पर्यटन मंत्री जी ए मीर ने पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच पहले जत्थे में 75 बड़े वाहन और 21 छोटे वाहनों पर सवार होकर भक्त आगे बढ़े।
जत्थे की रवानगी के दौरान आम वाहनों की आवाजाही को बंद रखा गया था। उत्तराखंड त्रासदी को देखते हुए किसी भी आपदा से निपटने के लिए उचित इंतजाम किए गए हैं।
बालटाल और पहलगाम के पारंपरिक ट्रैक पर पिस्सू टॉप (3377 मीटर), शेषनाग (3352 मीटर), पोषपथरी (4114 मीटर), महागुन (4276 मीटर), पंजतरणी ( 3656 मीटर) पड़ावों पर नेशनल डिजास्टर रेस्क्यू फोर्स (एनडीआरएफ), स्टेट डिजास्टर रेस्क्यू फोर्स (एसडीआरएफ) सहित अन्य एजेंसियों को तैनात किया गया है।
सेना के जवानों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। बालटाल बेस कैंप में 2500 और इतने ही यात्री नुनवाम पहलगाम में ठहराए गए हैं।
निर्धारित तिथि के पंजीकरण पर ही यात्रियों को यात्रा करने की अनुमति दी जा रही है। बिना पंजीकरण के यात्रियों को आगे जाने की इजाजत नहीं दी गई है।
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से प्रतिदिन अधिकतम पंद्रह हजार यात्रियों को ही यात्रा करने की इजाजत होगी। जम्मू में श्रद्धालुओं के लिए तत्काल पंजीकरण की भी व्यवस्था की गई है।