पूर्व केंद्रीय मंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि सरहद के दोनाें तरफ के कश्मीर को स्वायत्तता देकर समस्या का स्थायी हल निकाला जा सकता है। लगभग सात दशक से जम्मू-कश्मीर की समस्या बरकरार है। स्वायत्तता देने में और देरी करना घातक होगा।
राजौरी और पुंछ जिलाें में तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन बुद्धल में जनसभा को संबोधित करते हुए डा. फारूक ने कहा कि सरहद से सटे दोनों मुल्काें को विभाजन की रेखा को शांति रेखा में तब्दील करना होगा।
सात दशक में कई युद्घ हुए और आए दिन तनातनी होती रहती है। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के लोगाें की समस्याएं बढ़ती चली गईं। ढाई दशक से जम्मू-कश्मीर के हालात नाजुक बने हुए हैं।