लोकसभा चुनाव प्रभावित करने के लिए पाकिस्तान से नकली नोटों की खेप आने लगी है। चुनाव के दौरान गड़बड़ी फैलाने और वोटरों को प्रभावित करने में इनका इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। आतंकियों और अलगाववादियों की इस साजिश से सुरक्षा बलों और पुलिस की परेशानी बढ़ गई है। इसके साथ ही आने वाले कुछ दिनों में पीओके और पाकिस्तान से घुसपैठ की कोशिशों में भी इजाफा होने की आशंका है।
सुरक्षा बलों के सूत्रों के मुताबिक तस्कर और आतंकी नकली नोटों को मंगाने के लिए नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा का इस्तेमाल करते हैं। इस बाबत सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों को चुनाव के दौरान गड़बड़ी फैलाने के लिए सीमा पार से बड़ी संख्या में आतंकियों की घुसपैठ की कोशिशें होने की भी सूचना मिली है। अलगाववादी पहले ही चुनाव बहिष्कार का ऐलान कर चुके हैं। सुरक्षा एजेंसियों को मिले इनपुट के मुताबिक आतंकी संगठन चुनावी रैलियों को भी निशाना बना सकते हैं।
बीते एक महीने में नकली नोटों की तीन बढ़ी खेप पकड़ी गईं हैं। सीमा पार से आतंकवाद और चुनावों की आड़ में इन नोटों का चलन बढ़ाया जा रहा है। नकली नोट चलाने के लिए बैंकों का भी सहारा लिया जा रहा है। हाल में पकड़ी गई खेप में यह मामला सामने आया कि बैंकों के कर्मचारी भी नकली नोटों को पहचान नहीं पाए। श्रीनगर से पकडे़ आठ लाख रुपये के नकली नोटों में से अधिकतर राशि बैंकों में भी जमा कराई जा चुकी थी।