फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Earthquake in Kargil: करगिल में आया भूकंप, रिक्टर स्केल पर तीव्रता रही 5.2; घरों से घबराकर बाहर निकले लोग

Mon, 19 Feb 2024 10:43 PM IST
Vikas Kumar एएनआई, लद्दाख

सार

लद्दाख के करगिल में सोमवार को भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.2 मापी गई। 
विज्ञापन
भूकंप - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लद्दाख के करगिल में सोमवार को भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.2 मापी गई। केंद्र ने बताया की रात करीब 9.35 बजे भूकंप आया। झटकों से घबराए लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप की गहराई धरती की सतह से 10 किलो मीटर नीचे थी। फिलहाल कहीं से कुछ तरह के जान माल के हानी की जानकारी सामने नहीं आई है। 

विज्ञापन

क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।

कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।
विज्ञापन

भूकंप आने पर कैसे बचाएं जान
भूकंप की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है। लेकिन नए घरों और इमारतों को भूकंप को ध्यान में रखते हुए निर्माण किया। मकान बनाने से पहले जमीन की जांच कर ली जानी चाहिए। वहीं अगर अचानक से भूकंप आ जाएं तो सब पहले खुले मैदान में जाएं। किसी आवास या कार्यालय में ही फंस गए हों तो टेबल या बेड के नीचे छिपें। लेकिन, खतरों से खाली विकल्प है आवास से बाहर निकलें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें