कश्मीरी विस्थापितों के नियम पहले जैसे
कश्मीरी विस्थापितों के मतदान अधिकार को लेकर नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि कश्मीरी विस्थापित अपने संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के लिए पोस्टल बैलेट सुविधा ले सकेंगे। उन्हें पहले की तरह जम्मू, उधमपुर, दिल्ली इत्यादि से मतदान का विकल्प मिलेगा।
सीईओ के बयान के बाद सामने आया विवाद
मुख्य चुनाव अधिकारी हिरदेश कुमार ने 17 अगस्त को प्रेसवार्ता में बताया था कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर की मतदाता सूची में 20 से 25 लाख नए मतदाता जुड़ने जा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि इन नए मतदाताओं में दूसरे राज्यों के वे लोग भी होंगे जो किसी न किसी काम के सिलसिले में जम्मू-कश्मीर में रह रहे हैं। विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले मतदाता बन सकेंगे।
- सीईओ ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में 18 वर्ष से अधिक आयु वाली अनुमानित आबादी 98 लाख है जबकि प्रदेश में पंजीकृत मतदाता 76 लाख हैं। ऐसे में हम उम्मीद कर रहे हैं कि 20 से 25 लाख नए मतदाता जुड़ेंगे, जिन्हें मतदाता पंजीकरण के लिए डोमिसाइल की जरूरत भी नहीं होगी। इसमें कर्मचारी, विद्यार्थी, श्रमिक समेत वे तमाम लोग भी मतदाता बन सकेंगे जो वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में रह रहे हैं।