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रेप के आरोपी सैन्यकर्मी को सात साल कैद

Sat, 23 Apr 2016 08:27 PM IST
जेएनएफ/जम्मू
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जेल - फोटो : Demo Pic.
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जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मां व बेटी से बलात्कार करने के आरोपी एक सैन्यकर्मी को सात साल कैद की सजा सुनाई है। खंडपीठ ने सिंगल बेंच के आदेशों को दरकिनार कर कोर्ट मार्शल समरी के तहत जवान को सात साल कैद की सजा सुनाई थी। इस सजा को सिंगल बेंच ने रोक दिया था। 
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मुख्य न्यायाधीश एन पाल बसंथा कुमार ने पाया कि सिंगल बेंच के पुराने आदेशों के तहत कई कानूनी पहलुओं पर गौर नहीं किया गया। मेडिकल रिपोर्ट में साफ है कि शिकायतकर्ताओं से बलात्कार हुआ है। कैप्टन अजीत सिंह के मामले में न्यायिक प्रक्रिया के दौरान शिकायतकर्ताओं ने कबूल किया कि उनके साथ बलात्कार हुआ।

रिट कोर्ट को कोर्ट मार्शल कोर्ट की पूरी समरी पर गौर करना चाहिए था। खंडपीठ में केंद्र सरकार ने सिंगल बेंच के आदेशों को चुनौैती दी थी। प्रोसेक्यूशन केस के अनुसार आरोपी कैप्टन की रैंक पर काम करता है। सेना में वह 12 राष्ट्रीय राइफल अपर गुंड बनिहाल में तैनात है। 1
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5 फरवरी 2000 को कुछ लोगों ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई कि 14 फरवरी की शाम साढ़े आठ बजे अज्ञात बंदूूकधारी सिविल ड्रेस में सना उल्लाह तांत्रे के घर में घुसे। दो लोग घर के अंदर चले गए और दो लोग घर के बाहर खड़े रहे। जो दो लोग घर के अंदर घुसे, उन्होंने मां व बेटी से बलात्कार किया। मकान मालिक की पत्नी व बेटी थी, जिनसे कृत्य किया गया।

जांच में पाया गया कैप्टन अजीत सिंह नौगाम में अपने जवानों के साथ गया था। उसके साथ तीन एसपीओ थे। सभी दो ग्रुप में बंट गए और एक ग्रुप अब्दुल गनी राथर के घर घुसा। दूसरा ग्रुप कैप्टन के साथ सना उल्लाह तांत्रे के घर में घुस गया। दो एसपीओ संजय कुमार और शैलेंद्र सिंह घर से कुछ दूरी पर खड़े थे।

कैप्टन व तीसरा एसपीओ भरत शर्मा घर के अंदर घुसे। अभियोजन पक्षों ने माना कि उनका दोनों महिलाओं से संबंध चल रहे थे। मामले में विवाद बढ़ा तो सेना ने जांच के आदेश दिए, जिसके बाद आरोपियों को पकड़ लिया गया।

इस मामले में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज किए गए। इन बयानों के आधार पर कोर्ट मार्शल हुआ। सभी सबूत व मेडिकल रिपोर्ट को देखने के बाद अजीत सिंह को सात साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। आरोपी ने स्वयं कबूल किया कि महिलाओं के साथ उनके संबंध थे, जो सजा देने का आधार बना।  
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