नए वित्त वर्ष की शुरुआत में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने के साथ सार्वजनिक परिवहन को भी महंगा करने की तैयारी की जा रही है। आल जम्मू कश्मीर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने यात्री वाहनों में 30 से 40 प्रतिशत किराये वृद्धि का प्रस्ताव परिवहन विभाग को भेजा है।अगर प्रस्ताव पर अमल किया जाता है कि लोगों की जेब पर और बोझ बढ़ेगा।
इससे पहले 2021 में कोविड के दौरान यात्री वाहनों के किराये में करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई थी। अब फिर से पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने पर यात्री किराये में वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जहां सरकार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाकर अपने वित्तीय स्रोत मजबूत करने पर काम कर रही है, वहीं यात्री किराये में वृद्धि के प्रस्ताव को लेकर उसकी चुनौती भी बढ़ेगी।
जम्मू जिले में अनुमानित करीब साढ़े तीन हजार मेटाडोर चल रही हैं। इसी तरह 300 से अधिक बसें चल रही हैं। प्रदेश की बात करें तो 40 हजार के करीब मेटाडोर और 15 हजार से ज्यादा निजी बसें अलग अलग रूटों पर चल रही है। इनमें औसतन हर रोज लाखों लोग सफर करते हैं। वहीं, 800 के करीब सरकारी बसों की सुविधा प्रदेश में मिल रही है। सरकार ने हाल ही में ई बसों में 1 अप्रैल से 7 प्रतिशत किराये में वृद्धि का फैसला लिया है, जिससे यात्री वाहनों में भी किराये की मांग बढ़ने लगी है।-----
कोटसरकार को यात्री किराया बढ़ाने के लिए प्रस्ताव दिया गया है। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से किराया बढ़ना जरूरी है। अगर सरकार ट्रांसपोर्टरों के बारे में नहीं सोचेगी तो हमें मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
विजय सिंह चिब, अध्यक्ष, आल जेएंडके ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन
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