महिला डाक्टर से यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिरे पूर्व स्वास्थ्य राज्य मंत्री शब्बीर अहमद खान को बुधवार को हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पूर्व अंतरिम जमानत मिल गई।
इस मामले में हाईकोर्ट की कश्मीर विंग के जस्टिस जनक राज कोतवाल की अदालत ने 18 फरवरी तक राज्य मंत्री को गिरफ्तारी पूर्व अंतरिम जमानत दी। चूंकि इस मामले में गिरफ्तारी वारंट पहले ही जारी किए जा चुके हैं, इसलिए हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री को जांच में पूरा सहयोग करने का आदेश दिया है।
शब्बीर अहमद की ओर से सीनियर एडवोकेट बीएस सलाथिया, एडवोकेट सीएम शर्मा, बलदेव सिंह, नितिन गुप्ता अदालत में पेश हुए, जबकि स्टेट की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल आरए खान और शिकायतकर्ता के सीनियर एडवोकेट बीए बशीर व रफीक अहमद जू उपस्थित थे।
जस्टिस जनक राज कोतवाल ने पाया कि स्टेट की ओर से मामले में आपत्तियां रखी गईं और सीनियर एडवोकेट सलाथिया चूंकि मामले की कार्यवाही में शामिल होना चाहते हैं, इसलिए उन्हें इजाजत दी जाती है।
तमाम पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने पूर्व मंत्री को 18 फरवरी तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी, लेकिन आदेश को सुरक्षित रखा। साथ ही आदेश दिया कि वीरवार शाम तक संबंधित थाने के जांच अधिकारी के समक्ष पूर्व मंत्री उपस्थित होंगे।
यदि जांच अधिकारी आरोपी मंत्री को गिरफ्तार करते हैं, तो उस मामले में उन्हें 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा किया जाए।
साथ ही अदालत ने आदेश दिया कि आरोपी पूर्व मंत्री जांच अधिकारी की इजाजत के बिना श्रीनगर जिला से बाहर नहीं जाएंगे। जब तक आवेदन का निष्पादन नहीं होता, तब तक आरोपी किसी भी हालत में रियासत के बाहर नहीं जाएंगे।