आसाराम पर जम्मू स्थित आश्रम में तीन बच्चों को दबाने की साजिश रचने का आरोप लगाने वाले विनोद गुप्ता उर्फ भोलानंद को नवाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
आसाराम आश्रम का पूर्व केयरटेकर भोलानंद जम्मू में जमानत कराने के लिए पहुंचा था। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने भोलानंद को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। जहां से उसे पांच दिन (18 नवंबर तक) के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
मूल रूप से राजस्थान निवासी भोलानंद ने एक टीवी चैनल पर दिए बयान में आसाराम पर आरोप लगाया था कि उन्होंने भगवती नगर आश्रम में तीन बच्चों की हत्या करने के बाद उसे आश्रम परिसर में ही दफना दिया।
इसके बाद अदालत में एक याचिकाकर्ता डा. राज कुमार चौधरी ने याचिका दायर कर आसाराम को बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाया था।
उन्होंने अदालत में वह सीडी भी उपलब्ध करवाई जिसमें भोलानंद ने जम्मू के एक युवक को फोन कर कहा था कि भगवती नगर आश्रम में तीन बच्चे दफनाए गए हैं।
इसके बाद अदालत के निर्देश पर पुलिस ने भोलानंद के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी।
मिली जानकारी के अनुसार भोलनंद बुधवार को जम्मू पहुंचा था। जब वह अपने वकील से मिलने गया था तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसका सरवाल अस्पताल में मेडिकल करवाया। साथ ही उसे ड्यूटी मैजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर सात दिन के रिमांड पर देने का आवेदन किया, जिस पर मैजिस्ट्रेट ने 18 नवंबर तक रिमांड पर भेज दिया।
भोलानंद ने बताया कि वह मौजूदा समय में मलाड मुंबई में आश्रम चलाता है। इस दौरान आसाराम के कुछ समर्थक भी थाने के बाहर पहुंचे।
आरोप से मुकर गया भोलानंद
रिमांड के दौरान भोलानंद ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि वह जम्मू में समर्पण करने आया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बच्चे दफनाए जाने के बयान को उसने मनगढ़ंत कहा। भोलानंद ने कहा कि आश्रम में बच्चे नहीं दफनाए गए हैं।
उसने यह भी कहा जम्मू में किसी को भी बच्चे के कंकाल दफनाए जाने की बात नहीं कही है। वहीं, शिकायतकर्ता के अनुसार भोलानंद ने कई बार उसे फोन किया है और उसकी शिकायत सही है। आसाराम पर लगाए आरोप झूठे है। पुलिस के अनुसार भोलानंद की आवाज को रिकार्डिंग की गई आवाज से मिलाया जाएगा। पूरी छानबीन की जा रही है।