पुलिस नाके खासतौर पर नगरोटा में पुलिस कर्मी पशु तस्करों के निशाने पर आ गए हैं। पशु तस्करों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अक्सर वे पुलिस को गच्चा देकर निकल जाते हैं। कई बार वे पुलिस कर्मियों पर पथराव या फिर तेजधार हथियारों से हमला भी कर चुके हैं। इस बाबत जिला डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी ने पहले से और ज्यादा सख्त इंतजाम करने की बात कही है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से नगरोटा के रास्ते से पशु तस्करी काफी बढ़ गई है। जम्मू या अन्य हिस्सों से मवेशियों को श्रीनगर ले जाया जाता है। पशु तस्कर बड़ी तादाद में मवेशियों की तस्करी करके नियमों का उल्लंघन करते हैं, लेकिन पुलिस कुछ खास नहीं कर पा रही है।
मंगलवार रात में पशु तस्करों को रोकने वाले पुलिस कर्मियों पर तस्करों ने पथराव कर दिया था। बुधवार की रात में भी जब पुलिस ने पशु तस्करों को रोकने का प्रयास किया, तो तस्कर रास्ता बदलकर मवेशियों को ले जाने में कामयाब हो गए। इसी तरह से वीरवार तड़के पशु तस्करों ने पुलिस पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया, इस हमले में एक पुलिस कांस्टेबल जख्मी हो गया।
जिला उपायुक्त सिमरनदीप सिंह के मुताबिक नगरोटा में एक मजिस्ट्रेट और एक डाक्टर तैनात हैं। डीसी का दावा है कि वे दोनों 24 घंटे तैनात रहते हैं और ट्रकों में ले जाए जा रहे मवेशियों की जांच करते हैं। सुरक्षा व्यवस्था का अभाव होने की बात बताने पर डीसी ने और कड़े इंतजाम करने की बात कही है।
एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता के मुताबिक कांस्टेबल के जख्मी होने के मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसके अलावा बनतालाब की तर्ज पर नगरोटा में भी सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत की जाएगी।