आप विधायक मेहराज मलिक को कठुआ जेल से मंगलवार को रिहा कर दिया गया जिसके बाद उन्होंने लोगों के मुद्दे उठाने का संकल्प दोहराया। यह रिहाई जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय द्वारा उनकी पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) के तहत की गई हिरासत को रद्द किए जाने के बाद हुई।
मामले में न्यायालय ने कहा था कि जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी हिरासत आदेश कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं था और इसमें सोच-विचार की कमी पाई गई। कोर्ट ने आदेश देते हुए तुरंत रिहाई के निर्देश दिए थे।
जेल से बाहर आने पर समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया और फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया। मलिक ने कहा कि वह अब पहले की तरह जनता की आवाज उठाते रहेंगे और उनके मुद्दों को मजबूती से सामने लाते रहेंगे।
मलिक को पिछले साल सितंबर में सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने के आरोपों के चलते पीएसए के तहत हिरासत में लिया गया था और उन्हें कठुआ जेल भेजा गया था। बाद में उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी हिरासत को चुनौती दी थी। फिलहाल कोर्ट के फैसले के बाद मामले का कानूनी अध्याय समाप्त हो गया है, लेकिन आगे की राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा जारी रहने की संभावना है।