मोदी के पक्ष में देश में भी लहर नहीं थी। हां हवा बनाने की भाजपा की कोशिश जरूर रही। अब हवा का रुख भी बदल चुका है। भाजपा अपने घर की लड़ाई नहीं संभाल पा रही। आडवाणी तक रूठे बैठे हैं। मोदी के पक्ष में लहर होती तो वह दो सीटों से चुनाव नहीं लड़ते। राहुल गांधी और सोनिया गांधी तो एक ही सीट से लड़ रहे है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वीरवार को कांग्रेस प्रत्याशी मदन लाल शर्मा के नामांकन भरने के बाद पत्रकारों से बातचीत और फिर सीएम आवास के बाहर खुली जीप में कांग्रेस-नेकां के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ये बात कहीं। रियासत में लोकसभा की छह की छह सीटें सोनिया गांधी की झोली में जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर में मोदी के पक्ष में हवा का कोई असर नहीं है। यहां पर केवल कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस के पक्ष में ही हवा है। देश में एक बार ही किसी पार्टी के पक्ष में लहर बनी थी। वह स्वर्गीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी के पक्ष में जबरदस्त लहर थी।
ऐसी लहर पहले न कभी बनी और न ही बनने की कोई संभावना है। भाजपा के वरिष्ठ नेता आडवाणी की पगड़ी उछाली जा रही है। पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह तक को चुनाव लड़ने के लिए सीट नहीं दी जा रही। मोदी को भी अपनी जीत सुनिश्चित नहीं लग रही। इसलिए वह दो सीटों से लड़ने जा रहे हैं, जबकि कांग्रेस के राहुल और सोनिया गांधी केवल एक सीट से ही लड़ रहे हैं।
2004 में भी भाजपा ने इंडिया शाइन का नारा देकर कहा था कि उसके पक्ष में लहर है लेकिन लहर और हवा आसमान में चली गई। यूपीए एक की हुकूमत में चुनाव के दौरान भी भाजपा ने यूपीए के खराब प्रदर्शन और प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी पर नाकामी के आरोप लगाए लेकिन चुनाव बाद जब वोट गिनना शुरू हुए तो भाजपा देखती ही रह गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीए तीन में राहुल गांधी प्रधानमंत्री होंगे। रियासत के तीनों क्षेत्रों में कांग्रेस और नेकां के पक्ष में लहर है।