लोकसभा के चुनावों के लिए जम्मू कश्मीर में एक लाख से अधिक जवान तैनात किए जाएंगे। इनमें केंद्रीय सुरक्षा बलों के 35 हजार जवान और जम्मू कश्मीर पुलिस के 75 हजार जवान भी शामिल हैं।
इन जवानों को अतिसंवेदनशील और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को भी केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों की सुरक्षा मिलेगी।
केंद्रीय सुरक्षा बल पहले चरण में अति संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किए जाएंगे। अगले चरण के लिए चुनाव की तारीख से पहले ही यही सुरक्षा बल मूव करेंगे।
घाटी और जम्मू में अलग-अलग आवंटन होगा। जम्मू संभाग के लिए 15 हजार और कश्मीर घाटी के लिए 20 हजार जवान तैनात होंगे।
इन जवानों के अलावा जम्मू कश्मीर पुलिस के 75 हजार के करीब जवान भी चुनावों के दौरान अपनी ड्यूटी निभाएंगे।
जम्मू कश्मीर के जवानों का जिम्मा कानून व्यवस्था बनाए रखने और पब्लिक रैली के दौरान सुरक्षा मुहैया कराने का होगा। अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में जवानों की संख्या अधिक होगी।
परिणाम घोषित होने तक जवान जम्मू कश्मीर में ही रहेंगे। मतगणना केंद्रों की सुरक्षा भी केंद्रीय सुरक्षा बलों के हवाले होगी।
सभी जवान नोडल अधिकारी और चुनाव आयोग के अंतर्गत अपनी ड्यूटी निभाएंगे और उनके आदेश का पालन करेंगे। किसी भी अनहोनी के लिए जवानों को पूरी तरह सतर्क रहने के भी आदेश दिए गए हैं।