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जनरल वीके सिंह मामले पर विधान परिषद में हंगामा

Thu, 06 Mar 2014 10:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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विधान परिषद में सत्र के आखिर दिन जनरल वीके सिंह मामले पर जमकर हंगामा हुआ। सत्तारूढ़ गठबंधन सहयोगी दलों नेकां और कांग्रेस के सदस्यों में करीब बीस मिनट तक नोकझोंक होती रही।
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नेकां सदस्य देवेंद्र राणा ने चेयरमैन अमृत मल्होत्रा को इस मामले में आज ही फैसला सुनाने की ताकीद तक कर दी। चेयरमैन अमृत मल्होत्रा ने कहा कि वह बंदूक की नोक पर फैसला नहीं सुनाएंगे।

प्रश्नकाल की समाप्ति के बाद राणा ने जनरल (रिटायर्ड) वीके सिंह का मामला उठाते हुए कहा कि विशेषाधिकार कमेटी में उठी आपत्तियों के बाद जनरल को समन करने का मामला परिषद के चेयरमैन को सौंपा गया था।
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उन्होंने कहा कि फैसला आने में बेवजह देरी हो रही है। इससे गलत संदेश जा रहा है कि जिस व्यक्ति ने रियासत की राजनीति पर सवाल उठाए, वह खुलेआम घूम रहा है।

उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि जनरल सिंह के मामले की वजह से ही विशेषाधिकार कमेटी को असंवैधानिक बताया जा रहा है। इसका मतलब तो यह है कि कमेटी ने अब तक जिन अधिकारियों को तलब किया, वह गलत था।

कांग्रेस सदस्य गुलाम नबी और रविंद्र कुमार शर्मा ने राणा का विरोध करते हुए कहा कि तय नियमों के तहत ही कमेटी मामला चेयरमैन को सौंपा गया है। नियमों के बाहर जाकर कुछ नहीं किया गया।

मामले में कांग्रेस सदस्य जहांगीर हुसेन मीर ने नेकां सदस्यों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि जनरल सिंह के साथ नरमी क्यों।

सदन में मौजूद योजना और विकास मंत्री अजय सडोत्रा ने भी कहा कि चेयरमैन के पास पूरे अधिकार हैं। वह इस मामले में फैसला सुना सकते हैं। कांग्रेस सदस्य मोंगा ने कहा कि मामला वैधानिक तरीके का है।

देवेंद्र राणा की ओर से चेयरमैन को फैसला सुनाने में जल्दी करने पर चेयरमैन अमृत मल्होत्रा ने कहा कि वह बंदूक की नोंक पर कोई फैसला नहीं सुनाएंगे। जब फैसला करना होगा करेंगे।

उन्होंने कहा कि सत्र के आखिर दिन खबरों और फोटो के लिए यह सब किया जा रहा है। पूरे घटनाक्रम के दौरान विपक्षी दलों पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट और नेशनल कांफ्रेंस को कोई सदस्य सदन में नहीं रहा।
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