मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस बार आसमान से बारिश की बूंदें रहमत बनकर बरसीं। एक ओर जहां सौ दिन के बाद सूखे से बारिश से राहत मिली, वहीं सीजन की पहली बर्फबारी से पहाड़ चांदी की तरह चमकने लगे हैं।
रविवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। सोमवार को तड़के बारिश का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर शाम तक जारी रहा। सोमवार देर शाम तक जिले में 20 एमएम बारिश दर्ज की गई। जिले के पर्वतीय इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी से मौसम बदल गया। बनी तहसील की पर्वतीय चोटियों पर सुबह से ही बर्फ के फाहे गिरना शुरू हो गए थे, शाम तक वहां बर्फ की मोटी सफेद चादर बिछ गई। निचले इलाकों में बारिश की फुहार दिनभर जारी रही। लगातार बारिश से पूरा जिला शीतलहर की चपेट में आ गया है।
जिले के पर्वतीय इलाके छत्रगलां, सरथल, भंडार, रौलका, दौलका, कमलो गलां आदि में दो फुट तक बर्फबारी दर्ज की गई है। इन इलाकों में सोमवार को तड़के ही बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया था। बर्फबारी से इन इलाकों में ठंड का प्रकोप काफी बढ़ गया है। मौसम की करवट को देखकर माना जा रहा है कि रात को भी बर्फबारी हो सकती है। सोमवार को जिले के मैदानी इलाकों में तापमान में पांच से छह डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। दिन को अधिकतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। स्कॉस्ट जम्मू की कठुआ एग्रोमेट यूनिट के अनुसार आने वाले चार दिन तक मौसम खराब रहने की संभावना है। लगातार बारिश रहने के साथ साथ बर्फबारी भी अच्छी होने की संभावना है।
किसानों के लिए राहत की बौछार
कठुआ। किसानों ने बारिश का स्वागत करते हुए गेहूं की फसल लगाने की तैयारी कर ली है। किसान अशोक सिंह, धर्मपाल, सतपाल आदि ने बताया कि सौ दिन के सूखे से गेहूं की समय पर होने वाली फसल नहीं हो पाई है। ऐसे में लेट वैराइटी की फसलें लगाकर किसान इस बारिश का भरपूर फायदा ले सकते हैं। किसानों के लिए यह राहत की बारिश है। उधर मौसम में आए अचानक बदलाव से गर्म कपडे़ बेचने वाले दुकानदार काफी खुश हैं। उनका कहना है की जिस तरह से मौसम अपना रंग दिखा रहा है। उससे लगता है की इस बार बरसात की तरह जाडे़ का मौसम भी जबरदस्त होगा और काफी सर्दी पडे़गी। लिहाजा उनका गर्म कपड़ों का कारोबार भी खूब चमकेगा।
प्रशासन ने अमले को किया सतर्क
जिला प्रशासन की ओर से बिगड़ते मौसम को देखकर पहले ही अमले को सतर्क कर दिया गया है। तहसीलदारों, खंड विकास अधिकारियों, ब्लाक मेडिकल अधिकारियों, पेयजल और लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों समेत खाद्य, नागरिक आपूर्ती एवं जनवितरण विभाग, बिजली विभाग के अधिकारियों को स्टेशन न छोड़ने और सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। पंद्रह दिसंबर तक जिला में बारिश जारी रहने और बर्फबारी की आशंका को देखते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में नजर रखने और किसी भी तरह की स्थिति को तुरंत रिपोर्ट करने को भी कहा गया है।
बिजली तंत्र का बुरा हाल
सर्दियों के आगाज के साथ ही जिला के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बिजली तंत्र संकट से जूझने लगा है। एक ओर जहां बनी और दूरदराज के इलाकों में बारिश और बर्फबारी के बीच बिजली लाइनों में लगातार फाल्ट सामने आने लगे हैं, वहीं मैदानी इलाकों का हाल भी बुरा है। शहर के अधिकतर इलाकों में सोमवार को बिजली की आंख मिचौनी का खेल जारी रहा। बसोहली बनी के बीच दिन में दो से तीन बार फाल्ट भी आए जिसे दुरुस्त करने का काम जारी रहा। शहर और आसपास के इलाकों में विभिन्न फीडरों पर फाल्ट आने का सिलसिला जारी रहा। बिजली विभाग का अमला दिनभर बिजली व्यवस्था का दुरुस्त करने में व्यस्त रहा।
बनी-भद्रवाह मार्ग का काम रुका
जिले के दूरदराज इलाकों में बारिश के चलते सड़क संपर्कों पर असर पड़ा है। बनी-भद्रवाह मार्ग विस्तारीकरण कार्य पर भी बारिश और बर्फबारी ने ब्रेक लगा दिया है। सरथल, छत्रगलां में देर शाम तक दो फुट तक बर्फबारी होने से सड़क विस्तारीकरण का कार्य रुक गया। ग्रेफ के ओसी टीडी सतपुड़ा के ने बताया कि बर्फबारी के चलते काम प्रभावित हुआ है, लेकिन तीन दिन के बाद मौसम सुधरने पर एक बार फिर बर्फ साफ कर सड़क विस्तारीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि भारी बर्फबारी के बाद बनी-भद्रवाह मार्ग पर सड़क विस्तारीकरण का काम तीन महीने के लिए ठप हो जाता है और मार्च माह के अंत में दोबारा शुरू हो पाता है। हालांकि, इस बार ग्रेफ की टीम इसे मौसम की विकट परिस्थितियों तक जारी रखना चाहती है, ताकि समय पर काम को पूरा किया जा सके।