राष्ट्रीय रोइंग प्रतियोगिता में भाग लेते युवा
- फोटो : बासित जरगर
कश्मीर की विश्व प्रसिद्ध डल झील राष्ट्रीय रोइंग प्रतियोगिता की मेजबानी कर रही है। प्रतियोगिता मे देश के 23 राज्यों के लगभग 600 से अधिक एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। 50 रोइंग कोच भी आए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोच और वाटर स्पोर्ट्स निदेशक बिलकीस मीर ने बताया कि यह जम्मू-कश्मीर के लिए प्रतिष्ठित प्रतियोगिता है। इससे घाटी में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा मिलेगा।
प्रतियोगिता में कई पुरस्कार विजेता एथलीट भाग ले रहे हैं। रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की अध्यक्ष राज लक्ष्मी सिंह ने कहा कि यह पहली बार है कि जब कश्मीर में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। हम वास्तव में यहां आकर गर्व और सम्मानित महसूस कर रहे हैं।
राष्ट्रीय रोइंग प्रतियोगिता की मेजबानी करना आसान काम नहीं है, इसमें बहुत सारे उपकरण और लजिस्टिक की जरूरत होती है। हमें उम्मीद है कि इससे कश्मीर को नए रोइंग डेस्टिनेशन के रूप में बढ़ावा मिलेगा।
ओलंपियन अर्जुन अवार्डी और पद्म श्री विजेता बजरंग लाल ने कहा कि यह एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता है और इसमें भाग लेने के लिए भारत के कोने-कोने से एथलीट आए हैं। यह कश्मीर घाटी के लोगों के लिए एक बड़ा अवसर है ताकि श्रीनगर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट पैदा करे।
इसलिए सरकार ने इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता को आयोजित करने का फैसला किया है। तेलंगाना टीम के कोच ओलंपियन मनजीत सिंह ने बताया कि इतिहास में पहली बार यहां राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन हो रहा है। इस चैंपियनशिप को यहां आयोजित करने का कारण खेलों को बढ़ावा देना है।
कश्मीर में बहुत प्रतिभा है और उन्हें इस खेल में उच्चतम स्तर तक पहुंचने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है। असम टीम की एथलीट देबाशिमिता कश्यप ने कहा कि कश्मीर के बारे में जैसा सुना था।
वो उससे कहीं ज़्यादा अच्छा है। न केवल यहां की सुंदरता बल्कि यहां की जल निकाय भी काफी बेहतर है। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसी प्रतियोगिता को आयोजित किया जाना और इस स्तर की व्यवस्थाओं का होना काफी अच्छी बात है।