किश्तवाड़। एक शिक्षक के डिटैचमेंट के मामले ने ऐसा तूल पकड़ा कि किश्तवाड़ डीसी के चैंबर में ही डिप्टी सीईओ ने डीसी से तीखी बसह शुरू कर दी। विवाद काफी गहरा गया। आखिर अवमानना के आरोप में डीसी ने डिप्टी सीईओ को सस्पेंड कर दिया।
हुआ यूं कि काफी समय से बोंजवा तहसील कार्यालय में अटैच एक शिक्षक को डिटैच करने का आदेश डिप्टी सीईओ किश्तवाड़ जावेद अहमद किचलू ने शुक्रवार को निकाला। इस पर डीसी अंग्रेज सिंह राणा ने डिप्टी सीईओ को उस शिक्षक डिटैच नहीं करने का आदेश दिया। डीसी का तर्क था कि उस शिक्षक को इलेक्शन सेल में लगाया गया है। उसकी वहां जरूरत है। इसलिए उसे वहीं रहने दिया जाए। लेकिन डिप्टी सीईओ ने डीसी के आदेश को मानने से इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर डीसी के चैंबर में ही दोनों अधिकारियों में बहसबाजी शुरू हो गई। डिप्टी सीईओ डीसी पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाने लगे। उनका तर्क था कि इस मामले में डीसी को आदेश जारी करने का कोई अधिकार नहीं है। डिप्टी सीईओ के मुताबिक वह अपने विभागीय निदेशक और आयुक्त के अधीनस्थ है, न कि डीसी के। आखिरी डीसी ने आदेश की अवमानना के आरोप में डिप्टी सीईओ को सस्पेंड कर दिया।
शिक्षक संघ ने बुलाई आपात बैठक
डीसी और डिप्टी सीईओ के विवाद में शिक्षक संघ आगे आ गया। डिप्टी सीईओ को सस्पेंड करने के आदेश जारी होने के बाद शिक्षक संघ के नेता महबूब अहमद की अध्यक्षता में आपात बैठक बुलाई गई। इसमें शिक्षकों ने डीसी के व्यवहार पर रोष जताया और शनिवार को जिले के सभी सरकारी स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया।