आतंकी हमले के बाद संदिग्ध देखे जाने की सूचनाएं एक बार फिर आने लगी हैं। इस दफा जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे से सटे घाटी गांव में दो संदिग्ध देखे जाने की सूचना ने हड़कंप मचा दिया।
पुलिस ने इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया। हालांकि घंटों जंगल खंगालने के बावजूद संदिग्धों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा। इससे घाटी और सटे इलाकों में दहशत का माहौल बन गया है।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब सवा नौ बजे सिधन बाबा धार्मिक स्थल के पुजारी सुरेश कुमार ने दो बंदूकधारी संदिग्ध देखने की सूचना दी। गांव से पुलिस को इत्तला दी गई, जिसके बाद तलाशी अभियान को शुरू कर दिया गया।
सुरेश कुमार ने बताया कि धार्मिक स्थल के निकट ही उसने सैन्य वर्दी में दो लोगों को देखा। उनकी उम्र पच्चीस वर्ष के करीब लग रही थी। एक संदिग्ध के पास बंदूक थी, जबकि दूसरे को वह पूरी तरह से देख नहीं पाए।
वहीं सूचना मिलने पर कठुआ थाना प्रभारी सहित पुलिस की नफरी हथियारों से लैस मौके पर पहुंच गई। धार्मिक स्थल के आसपास और जंगल क्षेत्र को खंगालने की कवायद शुरू कर दी गई।
उधर संदिग्धों की खबर फैलने से इलाके में सनसनी मच गई। उल्लेखनीय है कि घाटी इलाके से सटा उज्ज दरिया पाकिस्तानी घुसपैठ का मार्ग रहा है। एक दशक पहले घाटी में आतंकी देखे जाने पर सात दिन तक मुठभेड़ भी चली थी।
इस दौरान घाटी से सटे मलामन इलाके से ग्रामीणों ने एक आतंकी को मार गिराया था। तब से लेकर गांव में प्रादेशिक सेना की चौकी स्थापित की गई है, जिसे दो दिन पहले ही हटाया गया था।