राजोरी। नियंत्रण रेखा के वासियों को आपदा राहत के तहत अब नए सिरे से मुआवजा व राहत मिला करेगी। जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में भेजे गए प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी है। इस बात की जानकारी डीसी राजोरी डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने दी है।
डीसी शुक्रवार को नियंत्रण रेखा के वासियों व फील्ड अधिकारियों के साथ डीसी ने बैठक की। बैठक में भाग ले रहे नौशेरा सुंदरबनी, ढूंगी, मंजाकोट इलाकों के प्रतिनिध्यों व फील्ड अधिकारियों को संबोधित करते हुए डीसी ने बताया कि आपदा राहत के तहत एलओसी के वासियों को राहत व मुआवजा देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को सरकार ने मंजूर कर लिया है। नए नियम के अनुसार अब अपने घर छोड़ राहत शिविरों में रहने वाला बालिग प्रति माह 1800 रुपये और नाबालिग को 1325 रुपये प्रति माह लेने का हकदार है। नए नियम अनुसार अब किसानों को फसल के मुआवजे के तौर पर 37,500 रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मिलेगा, जबकि पशु के नुकसान का नया मुआवजा 30 हजार रुपया बड़े व 3 हजार रुपये छोटे पशु के लिए के हिसाब मिलेगा। इसके अलावा घरों व घरों के अन्य फर्नीचर के नुकसान की भरपाई के लिए भी प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है।
डीसी ने बताया कि जिला प्रशासन ने जिले के नियंत्रण रेखा में पाक गोलाबारी से हुए नुकसान की भरपाई के लिए करीब 5.17 करोड़ रुपये का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। वहीं, डीसी ने अधिक जानकारी देते हुए नियंत्रण रेखा के वासियों को बताया कि सरकार ने एलओसी के लोगों को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 5290 नए बंकर बनाने को भी मंजूरी दे दी है व जल्द ही यह नए व्यक्तिगत बंकर व सामुदायिक बंकर बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। डीसी ने बताया कि नियंत्रण रेखा के बिजली सुविधा से वंचित करीब 6200 परिवारों को बिजली सुविधा प्रदान करने के लिए भी जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा। वहीं, नियंत्रण रेखा के अंदरूनी गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए भी सरकार ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है व जल्द ही सड़कों का जाल बिछाने का काम भी शुरू कर दिया जाएगा।