हीरानगर। छन्न दित्तयाल में करीब सात साल पहले शुरू हुआ ट्यूबवेल बनाने का कार्य अभी तक पूरा न होने से नाराज लोगों ने एक दिवसीय भूख हड़ताल कर अपना रोष जताया। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि इस कार्य को जल्द पूरा कर लोगों को पानी देने का प्रबंध नहीं किया गया तो वे इसके खिलाफ आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
हीरानगर युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रोमी शर्मा के नेतृत्व में करीब पांच लोग भूख हड़ताल पर बैठे। उनके समर्थन में आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग भी यहां मौजूद रहे। शर्मा ने बताया कि करीब सात साल पहले इसका निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। लोगों को आश्वास दिया गया था कि दो से तीन साल के भीतर पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी, लेकिन सात साल से भी अधिक का समय गुजरने के बाद भी काम अधर में लटका हुआ है। इसके चलते क्षेत्र में पानी की किल्लत दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। इसकी सप्लाई शुरू होती है तो आधा दर्जन गांवों के लोगों को इसका लाभ होगा, लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते इन लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। इस समस्या के बारे में कई बार पीएचई मंत्री को भी अवगत करवाया गया, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। हाल ही में इस गांव का एक शिष्टमंडल जिलाधीश से भी मिला व समस्या की जानकारी दी, जिस पर उन्होेंने कहा कि इस बारे में संबंधित विभाग के अधिकारियों से विचार कर मसले को हल करवाने का प्रयास किया जाएगा। हड़ताल पर बैठे लोगों ने कहा कि मंत्री, विधायक, जिलाधीश व विभाग के अधिकारियों के पास चक्कर काटने के बाद अब उनके पास यही एक रास्ता बचा था। अगर अब भी उनकी मांग को पूरा करने में देरी हुई तो व आंदोलन की तैयारी करेंगे। पूर्व नायब सरपंच कर्मचंद, सुभाष चंद्र, उत्तम चंद, संतोष कुमारी भूख हड़ताल पर बैठे, जबकि उनके समर्थन में रछपाल चंद, रामेश्वर चंद, गुड्डी देवी, वीणा कुमारी, शोभा रानी, तारो देवी, अनीता कुमारी आदि लोग मौजूद रहे।
मोटर जलने से पेयजल संकट गहराया
धमलाड़, रैपर, नौशेरा और कठाड़ के लोग पीने के पानी के लिए हो रहे परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
महानपुर।
गांव पलक के ट्यूबवेल की मोटर जल जाने से चार बड़े गांव जिनमें धमलाड़, रैपर, नौशेरा और कठाड़ के लगभग 500 कुंबों के लिए पीने के पानी की समस्या गहरा गई है। पीएचई विभाग को समय पर सूचित कर दिया गया था, लेकिन विभाग के अधिकारियों ने इस मामले में कोई कदम नहीं उठाया।
उपरोक्त गांव के राज सिंह, सुरजीत सिंह, विपिन, भारत भूषण ने बताया कि चार दिन पहले पलक ट्यूबवेल पर लगाई गई मोटर जल गई थी। उन्होंने बताया कि ट्यूबवेल की मोटर जलने से लोगों को मजबूरन खुली बावलियों और हैंडपंप से पीने के लिए पानी लेने से मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि रविवार को वर्ष का आखिरी दिन है। आज से नया वर्ष शुरू होगा, लेकिन इलाके में पानी के लिए लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि पेयजल विभाग को मोटर जलने पर समय से अवगत करवा दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। इस संबंध में जेई संजीव शर्मा ने बताया कि मोटर को निकाल लिया गया है और जल्द ही पानी की सप्लाई बहाल करने की कोशिश की जाएगी।