बनी के सेवा दरिया में मंजूर हुई दस मेगावॉट की पनबिजली परियोजना के विरोध में शनिवार को बनी कसबा पूरी तरह से बंद रहा। स्थानीय लोगों कुछ दिन पहले ही मामले को लेकर बनी बंद करने की चेतावनी दी थी लेकिन कोई भी हल होता न देख शनिवार को कसबे को बंद करवा दिया गया। बंद को आम लोगों के साथ ही व्यापार मंडल बनी के सदस्यों ने भी पूर्ण समर्थन दिया। शनिवार सुबह कसबे की दुकानों को बंद करवाने के बाद लोगों ने कसबे में रोष मार्च भी निकाला। इसके उपरांत लोग मैदान में एकत्रित हुए। यहां मामले पर चर्चा के बाद उन्होंने एसडीएम बनी अजीत सिंह को भी जिला उपायुक्त के लिए ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन में शामिल मास्टर ठाकुर दास ने बताया कि बनी कसबे में सेवा चरण एक परियोजना के लिए मंजूरी दी गई है, लेकिन यह बनी कसबे के लिए ग्रहण से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि सभी लोग एकमत होकर इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं, चूंकि सेवा पनबिजली परियोजना का बांध कसबे से दो किलोमीटर पीछे बांधा जाएगा, जिससे बनी कसबे के बीचों बीच बहने वाला सेवा दरिया में पानी सूख जाएगा। ऐसे में सेवा दरिया की जैव विविधता को जहां खतरा है, वहीं यह इलाका भी कंडी की तरह बन जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यटक भी बनी में सेवा दरिया की खूबसूरती को निहारने के लिए पहुंचते हैं और यदि सेवा दरिया का पानी बहाव बंद हो गया तो मंझिरी पार्क पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये भी बर्बाद हो जाएंगे।
वहीं, शक्ति माता मंदिर के नजदीक सेवा दरिया में मछलियां पल रही हैं, जिसमें हिंदूूओं की भारी आस्था है। यही नहीं, सेवा दरिया के किनारे एक मस्जिद भी है, जहां भी दरिया का पानी ही प्रयोग में लाया जाता है। लोगों की मांग को देखते हुए इस परियोजना को रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं किया जाता तो लोग बड़े आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे। इस मौके पर व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रमोद महाजन, डा. मुन्नू राम, गयासुदीन, हमीद उल रहमान, मास्टर ठाकुर दास, गुलजारी लाल, साधुराम शर्मा आदि भी एसडीएम से मिलने गए शिष्टमंडल में शामिल रहे।
प्रोजेक्ट के लिए चल रहा टेंडरिंग पर काम
मार्च 2018 से शुरू होना है प्रोजेक्ट के चरण एक का कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
कठुआ।
सेवा चरण दो और चरण तीन के बाद अब चरण एक परियोजना का काम जल्द शुरू होने जा रहा है। प्रधानमंत्री विकास पैकेज यानी पीएमडीपी 2015 के तहत दस मेगावॉट की इस परियोजना को ईपीसी मोड में तैयार किया जाएगा। इंजीनियर प्रोक्योरमेंट मोड में टर्नकी बेसिस पर बनने वाली इस परियोजना की कुल लागत 129 करोड़ है। जम्मू कश्मीर इनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी द्वारा राज्य में पांच छोटी पनबिजली परियोजनाओं के काम शुरू करवाने की कवायद तेज की गई है, जिनमें से बनी की सेवा-1 पनबिजली परियोजना भी है। प्रस्तावित परियोजना के लिए जहां पहले ही भूमि चिह्नित कर ली गई है, वहीं टेंडरिंग का काम जारी है।
बनी कसबे के साथ बहते सेवा दरिया पर बनने वाली इस पनबिजली परियोजना का काम मार्च 2018 से शुरू किए जाने की योजना है। अधिकारियों की मानें तो डीपीआर के अनुसार सेवा दरिया से पानी को उठाकर सेवा चरण दो परियोजना के बांध से पहले ही वापस डाल दिया जाएगा, जिससे पानी की धारा प्रभावित नहीं होगी और एनएचपीसी संचालित सेवा दो परियोजना पानी मिलता रहेगा। इस परियोजना में 11 क्यूसेक पानी का इस्तेमाल बिजली बनाने के लिए किया जाएगा, जिसे सेवा दरिया से हासिल करने के लिए सवा चार किलोमीटर लंबी टनल भी प्रस्तावित है, जो सरथली तक जाएगी। वहीं, 220 मीटर लंबी पेनस्टाक की मदद से पानी को पावर हाउस तक डाला जाएगा, जहां दो टर्बाइन की मदद से बिजली तैयार की जाएगी।
जो विकास नहीं चाहते, वे अडंगा डाल रहे हैं: विधायक
बनी में तीन और मिनी हाइडल प्रोजेक्ट लाने की है योजना
कठुआ। विधायक जीवनलाल ने कहा कि बनी विधानसभा क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है और कुछ विकास से बौखलाए हुए हैं। सेवा चरण एक पनबिजली परियोजना में मात्र सेवा दरिया के कुल बहाव का दस फीसदी पानी ही इस्तेमाल किया जाना है। कुछ लोगों द्वारा जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। सेवा एक परियोजना को बिजली उत्पादन के लिए मात्र ग्यारह क्यूसेक पानी की ही जरूरत है। इस एवज में दस मेगावॉट बिजली और रोजगार मिल रहा है। बनी की खूबसूरती को इससे कुछ असर नहीं होगा। कसबे में गिने चुने लोग ही इसका विरोध कर रहे हैं और आम लोग जानते हैं कि इससे क्षेत्र का विकास ही होगा। रोजगार भी मिलेगा और संसाधन भी बढेंगे। किसी भी कीमत पर विकास में रुकावट नहीं आने दी जाएगी और जल्द ही तीन और छोटी पनबिजली परियोजनाओं को बनी में लाने की कोशिश की जा रही है।