मंगलवार को हीरानगर के सीमावर्ती क्षेत्र के बनियाड़ी पंचायत के पूर्व सरपंच के साथ एक समुदाय विशेष के झगडे़ के बाद बुधवार को हाईवे पर हंगामे के बाद शनिवार को भी माहौल गर्माया रहा। बड़ी तादाद में लोग मढ़ीन तहसील के समक्ष जमा हुए और पुलिस विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए युवकों की रिहाई की मांग की।
धरने में राज्य के पूर्व मंत्री मंजीत सिंह भी शामिल हुए, जबकि उनके साथ भाजपा के जिलाध्यक्ष प्रेमनाथ डोगरा, भाजपा एससी सेल जिलाध्यक्ष कर्ण कुमार, कांग्रेसी नेता एडवोकट राकेश शर्मा, बार्डर यूनियन प्रधान भारत भूषण ने भी मांग का समर्थन किया।
धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि पुलिस ने क्षेत्र के जिन दो युवकों को अपनी गिरफ्त में रखा है, उन्हें जल्द रिहा किया जाए, क्योंकि पुलिस उन पर कार्रवाई कर इस आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। इस मौके पर बोलते हुए पूर्व मंत्री मंजीत सिंह ने कहा कि बडे़ अफसोस की बात है कि जिला प्रशासन हजारों लोगों की मांग को नजरअंदाज कर चंद लोगों के इशारों पर काम कर रही है। जिन लोगों पर पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए थी, उन पर करने की बजाय कुछ निर्दोष युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस निर्दोषों को रिहा करे व जिन लोगों ने कानून हाथों में लिया है उन पर सख्त कार्रवाई की जाए।
स्थानीय निवासी एवं समाज सेवक मखनी बंदराल ने पुलिस व ज़िला प्रशासन पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस मसले की जांच करने की बजाय पुलिए व प्रशासन ने इसे लाठियों के ज़ोर पर दबाने का प्रयास किया। लोगों के विरोध में बाद भी प्रशासन यदि नींद से नहीं जागता है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। पुलिस जब तक एस मसले की निष्पक्षता से जंाच नहीं करेगी यह मसला दिन ब दिन बढ़ता रहेगा। जनता की आवाज को नहीं दबाया जा सकता। पुलिस व प्रशासन इस माहौल को तूल देने की बजाय, लोगों की जायज मांगों को पूरा करे, ताकि हालात फिर से तनावपूर्ण न हाें।